तेजस्वी जाएंगे राज्यसभा तो राघवपुर सीट पर इनकी हो सकती है सरप्राइज एंट्री, जानें कौन हैं वो नाम
बिहार की सियासत में एक बार फिर लालू परिवार से नए चेहरे की एंट्री की सुगबुगाहट तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक तेजस्वी यादव राज्यसभा का रुख कर सकते हैं, जिसके बाद उनकी परंपरागत सीट राघवपुर से उनकी पत्नी राजश्री यादव को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है. राजद की इस नई रणनीति ने सियासी हलचल बढ़ा दी है.

Rajshree Yadav Politics Entry: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. ताजा चर्चा यह है कि तेजस्वी यादव अब बिहार की राजनीति से निकलकर दिल्ली की राजनीति यानी राज्यसभा में अपनी जगह बना सकते हैं. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि महागठबंधन तेजस्वी यादव को राज्यसभा भेजने की तैयारी में है. हालांकि, इसके लिए गणित थोड़ा पेचीदा है. राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए महागठबंधन को 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि वर्तमान में महागठबंधन के पास विधायकों की संख्या कम है. अगर ओवैसी की पार्टी (AIMIM) और बसपा का साथ मिलता है तो तेजस्वी की राह आसान हो सकती है.
राजश्री यादव की हो सकती है धमाकेदार एंट्री
अगर तेजस्वी यादव राज्यसभा जाते हैं तो सवाल उठता है कि उनकी विधानसभा सीट राघवपुर का क्या होगा? राघवपुर लालू परिवार का पुराना गढ़ रहा है. ऐसे में इस सीट को परिवार से बाहर जाने देना राजद के लिए संभव नहीं लगता. चर्चा जोरों पर है कि तेजस्वी की जगह उनकी पत्नी राजश्री यादव चुनावी मैदान में उतर सकती हैं. अब तक राजश्री यादव को केवल पारिवारिक कार्यक्रमों या तेजस्वी के साथ ही देखा गया है, उन्होंने कभी कोई राजनीतिक बयान नहीं दिया है. लेकिन बिहार की राजनीति में अक्सर 'बहुओं' की एंट्री से समीकरण बदले हैं और लालू परिवार एक बार फिर इसी 'ट्रंप कार्ड' का इस्तेमाल कर सकता है.
राजद के लिए 'इक्का' साबित होंगी राजश्री?
2025 के विधानसभा चुनावों में राजद का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और पार्टी महज 25 सीटों पर सिमट गई. ऐसे में पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से मजबूत करने के लिए एक नए और ऊर्जावान चेहरे की जरूरत है. राजश्री यादव का चेहरा युवाओं और कार्यकर्ताओं के बीच एक नई उम्मीद जगा सकता है. क्या राजश्री लालू प्रसाद यादव की उस राजनीतिक विरासत और लेगेसी को आगे बढ़ा पाएंगी, जिसे तेजस्वी ने अब तक संभाला है? यह सवाल बिहार के सियासी गलियारों में गूंज रहा है.
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राघवपुर उपचुनाव और लालू परिवार की रणनीति
राघवपुर सीट से तेजस्वी यादव कई बार विधायक रहे हैं. अगर वह राज्यसभा जाते हैं, तो यहाँ उपचुनाव होना तय है. लालू प्रसाद यादव अपनी रणनीति के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने पहले भी विपरीत परिस्थितियों में राबड़ी देवी को सत्ता सौंपकर सबको चौंका दिया था. जानकारों का मानना है कि राजश्री यादव को राघवपुर से लड़ाकर लालू परिवार अपनी पकड़ को सुरक्षित रखना चाहता है. राजश्री का सौम्य स्वभाव और उनकी उपस्थिति पार्टी के लिए एक नई जान फूंकने वाली साबित हो सकती है.
बिहार की सियासत में आने वाला है नया मोड़
तेजस्वी यादव का दिल्ली जाना और राजश्री का बिहार की सक्रिय राजनीति में आना, राजद के लिए एक 'मेकओवर' की तरह हो सकता है. जहां तेजस्वी केंद्र में विपक्ष की आवाज बनेंगे, वहीं राजश्री बिहार में पार्टी की कमान संभाल सकती हैं. फिलहाल, राजद की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए यह कदम उठाना पार्टी की मजबूरी भी हो सकती है. अब देखना यह है कि लालू प्रसाद यादव अपनी इस 'बहु' को कब चुनावी समर में उतारने का औपचारिक ऐलान करते हैं.










