UPSC 301 Rank Controversy: "असली आकांक्षा सिंह मैं ही हूं," ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने तोड़ी चुप्पी, बारकोड विवाद पर दिया ये जवाब

UPSC 301 Rank विवाद पर बिहार की आकांक्षा सिंह ने तोड़ी चुप्पी. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने कहा- एडमिट कार्ड के बारकोड में विसंगति यूपीएससी की गलती है. जानें रोल नंबर 0856794 की सच्चाई पर उनकी पूरी सफाई.

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बिहार की आकांक्षा सिंह आईं सामने और कही अपनी बात.
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों के बाद ऑल इंडिया रैंक (AIR) 301 को लेकर उठा विवाद गहराता जा रहा है. इस मामले में बिहार की आकांक्षा सिंह, जो रणबीर सेना के पूर्व प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं, ने विवाद के बाद पहली बार कैमरे के सामने आकर अपनी सफाई पेश की है. उन्होंने यूपी की आकांक्षा सिंह के दावों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को ही 'असली सफल उम्मीदवार' बताया है. 

"यूपीएससी की गलती है, मेरी नहीं"- बिहार की आकांक्षा

इंटरव्यू के दौरान जब आकांक्षा सिंह से उनके एडमिट कार्ड के बारकोड और रोल नंबर (0856794) के बीच विसंगति (Mismatch) पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, यह यूपीएससी की तकनीकी गलती हो सकती है. अगर मेरे एडमिट कार्ड में शुरुआत से ही कोई समस्या होती, तो मैं प्रीलिम्स, मेंस और फिर इंटरव्यू तक कैसे पहुंचती? मैंने इसी रोल नंबर पर परीक्षा दी और इंटरव्यू भी फेस किया है."

बारकोड और सिग्नेचर विवाद पर सफाई 

विवाद का मुख्य केंद्र यह है कि बिहार वाली आकांक्षा के एडमिट कार्ड का बारकोड स्कैन करने पर रोल नंबर अलग आता है. इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने यूपीएससी को मेल कर हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने बताया, "मैंने यूपीएससी को मेल किया है और उम्मीद है कि सोमवार तक वहां से स्पष्टीकरण आ जाएगा. मुझे सोशल मीडिया पर किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है."

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परीक्षा के चरणों का दिया ब्यौरा 

अपनी दावेदारी को पुख्ता करने के लिए आकांक्षा ने अपने परीक्षा सफर की तारीखें भी साझा कीं. उन्होंने बताया कि 26 मई को प्रीलिम्स दिया, जिसका रिजल्ट 11 जून को आया. इसके बाद नवंबर में मेंस क्लियर किया और 4 फरवरी को उनका इंटरव्यू हुआ. उन्होंने 'डेफ' (DAF - Detailed Application Form) का भी जिक्र किया, जो केवल सफल उम्मीदवार ही भर सकते हैं. 

बिहार बनाम यूपी की जंग 

इस मामले ने अब सोशल मीडिया पर बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच एक अलग ही बहस छेड़ दी है. जहां यूपी की आकांक्षा कुमारी ने अपने दस्तावेजों के साथ दावा पेश किया है, वहीं बिहार की आकांक्षा सिंह ने अब गेंद यूपीएससी के पाले में डाल दी है. अब सबकी नजरें सोमवार को आने वाले संभावित स्पष्टीकरण पर टिकी हैं कि आखिर 301वीं रैंक का असली हकदार कौन है. 

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