₹3.47 लाख तक पहुंच सकता है सोना! जेफरीज का ये अनुमान जानकर चौंक जाएंगे
सोने को लेकर Jefferies के क्रिस वुड ने बड़ा अनुमान दिया है. उनके मुताबिक सोना 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है. यह मौजूदा स्तर से करीब 130 फीसदी तेजी होगी. इसी हिसाब से MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹3.47 लाख तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है.
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सोने की कीमतों में इस समय जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इसी बीच Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने सोने को लेकर बड़ा अनुमान जताया है. उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आगे चलकर 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है. यह मौजूदा स्तर से करीब 130 फीसदी की संभावित तेजी को दिखाता है. हालांकि, यह एक अनुमान है और सोने की वास्तविक कीमत कई आर्थिक और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी.

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10,000 डॉलर तक पहुंच सकता है सोना
क्रिस वुड का अनुमान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,300-4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है. 18 सितंबर 2026 को स्पॉट गोल्ड करीब 4,346 डॉलर प्रति औंस के आसपास था. अगर सोना 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचता है, तो मौजूदा स्तर से इसमें करीब 130 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है. यानी कीमत करीब 2.3 गुना तक बढ़ सकती है.

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भारत में ₹3.47 लाख तक पहुंच सकता है भाव?
इस अनुमान का असर भारतीय बाजार पर भी देखा जाए तो तस्वीर काफी बड़ी बनती है. अगर सोने में करीब 130 फीसदी की तेजी आती है तो MCX पर 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹3.47 लाख तक पहुंच सकता है. हालांकि, यह एक गणितीय अनुमान है. भारत में सोने की कीमत सिर्फ अंतरराष्ट्रीय भाव से तय नहीं होती. इसमें डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, आयात लागत, टैक्स और घरेलू बाजार की स्थिति जैसे कई कारक भी भूमिका निभाते हैं. फिलहाल MCX पर सोना करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है. 18 सितंबर की सुबह MCX गोल्ड अक्टूबर फ्यूचर करीब ₹1.53 लाख के स्तर पर था.

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डॉलर कमजोर हुआ तो सोने को मिल सकता है सपोर्ट
क्रिस वुड के अनुमान के पीछे अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियां भी अहम हैं. उनका मानना है कि अमेरिका का बड़ा राजकोषीय घाटा और ऊंची बॉन्ड यील्ड लंबे समय तक टिकना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को नीचे रखने की कोशिश हो सकती है. इसका असर अमेरिकी डॉलर पर पड़ सकता है. डॉलर कमजोर होने की स्थिति में सोने को फायदा मिल सकता है. आमतौर पर डॉलर में कमजोरी से दूसरी मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता होता है. इससे इसकी मांग को सपोर्ट मिल सकता है. हाल की बाजार रिपोर्टों में भी कमजोर डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बदलाव को सोने की कीमतों के अहम कारकों में गिना गया है.

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भारत के लिए क्यों अहम है डॉलर और सोना?
भारत में सोने की मांग काफी ज्यादा है. भारतीय परिवारों के पास बड़ी मात्रा में सोना मौजूद है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर की चाल का घरेलू बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है. अगर डॉलर लंबे समय तक कमजोर रहता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत बढ़ती है, तो भारतीय बाजार में भी सोने के भाव पर दबाव बन सकता है. लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है. ₹3.47 लाख का आंकड़ा कोई निश्चित कीमत या आधिकारिक लक्ष्य नहीं है. यह दिए गए अंतरराष्ट्रीय सोने के अनुमान को मौजूदा MCX कीमत से जोड़कर निकाला गया संभावित स्तर है.

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सोने के साथ चांदी भी महंगी
सोने के साथ चांदी में भी तेजी और उतार-चढ़ाव जारी है. 18 सितंबर को MCX पर चांदी दिसंबर फ्यूचर करीब ₹2.39 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी. बाजार में सोने और चांदी की दिशा पर डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रम का असर बना हुआ है. इसलिए आने वाले समय में इन दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है.

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(नोट: सोने या किसी अन्य कमोडिटी में निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम को समझें. जरूरत हो तो अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें.)
