Gold-Silver Crash: सोना 17,000 तो चांदी 51,000 रुपए टूटी, जून में क्यों आई इस साल की सबसे बड़ी गिरावट?

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जिन लोगों ने जून से पहले सोना और चांदी खरीदा था, उनके लिए जून का महीना काफी नुकसानदेह साबित हुआ है क्योंकि इस दौरान दोनों कीमती धातुओं के भाव में भारी गिरावट आई है. हालांकि, कीमतों के निचले स्तर पर आने के कारण अब बहुत से निवेशक इस गिरावट को एक मौके की तरह देख रहे हैं और सोने-चांदी की खरीदारी पर दांव लगाने का विचार कर रहे हैं.
 

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मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने-चांदी के टूटे दाम

 

जून के महीने में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. 29 मई से लेकर अब तक सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम 17,000 रुपये (10.36 फीसदी) की कमी आई है. वहीं, चांदी की कीमतों में इससे भी बड़ी गिरावट देखी गई है, जहां जून में चांदी 51,000 रुपये (18.56 फीसदी) तक सस्ती हो चुकी है.
 

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सोने-चांदी के ताजा भाव

 

सोने-चांदी के ताजा भाव की बात करें तो कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन यानी 26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने और चांदी में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली. MCX पर 26 जून को रात 11:30 बजे 5 अगस्त 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1,44,199 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं 3 जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 2,22,100 प्रति किलो ग्राम पर बंद हुई थी. कारोबारी सप्ताह खत्म होने के कारण अब मार्केट शनिवार-रविवार बंद रहेंगे और नए रेट सोमवार को सामने आएंगे.
 

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शांति वार्ता के बावजूद विपरीत दिशा में बाजार

 

आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने और शांति वार्ता शुरू होने पर बाजारों में अलग रुख होता है, लेकिन इस बार ईरान और अमेरिका के बीच जंग खत्म होने और शांति वार्ता शुरू होने के बाद भी सोने-चांदी के दाम बढ़े नहीं. उम्मीद के विपरीत, शांति का माहौल बनने के बावजूद इन कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है.
 

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत ने बिगाड़ा खेल

 

इस भारी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक के चेयरमैन केविन वॉर्श का एक बयान है. उन्होंने संकेत दिया है कि इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है. इस संकेत के बाद से ही सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट शुरू हुई. इसके अलावा, कई एक्सपर्ट्स भी फेडरल रिजर्व की अगली मीटिंग में रेट बढ़ने का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे बाजार लगातार नीचे जा रहा है.
 

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निवेशकों द्वारा बिकवाली और शेयर बाजार की तरफ झुकाव

 

सोने और चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट आने का एक और बड़ा कारण निवेशकों का बदला हुआ रुख है. निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी में भारी बिकवाली (मुनाफावसूली) की है. उन्होंने सुरक्षित निवेश (सेफ असेट) माने जाने वाले सोने-चांदी से अपना पैसा निकालकर शेयर बाजार में निवेश बढ़ा दिया है, जिससे सोने की गिरावट और ज्यादा गहरी हो गई.

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ऑल-टाइम हाई से अब तक की कुल गिरावट

 

अगर ऐतिहासिक गिरावट की बात करें, तो जनवरी 2026 में अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर (ऑल-टाइम हाई) पर पहुंचने के बाद से सोना करीब 29% गिर चुका है और यह टूटकर 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे आ गया है. वहीं, चांदी में इसके रिकॉर्ड स्तर से 50% से अधिक की भारी गिरावट आ चुकी है और यह फिलहाल 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है.

Disclaimer: किसी भी शेयर या कमोडिटी में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) की मदद जरूर लें.