Gold-Silver Crash: सोमवार को बाजार खुलते ही धड़ाम हुए सोना और चांदी, जानें लेटेस्ट रेट और गिरावट की वजह

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ग्लोबल दबाव के चलते शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इस दबाव का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा है, जिससे सोमवार को भी सोने और चांदी के दाम तेजी से टूट गए. मल्टी कमोडिटी मार्केट (MCX) में सोने की कीमतों में 1000 रुपये तक की भारी गिरावट देखी गई है.
 

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गिरावट की मुख्य वजहें और ग्लोबल कारण

 

इस बड़ी गिरावट के पीछे फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी किए जाने की आशंका को मुख्य वजह माना जा रहा है. रेट हाइक (दरों में बढ़ोतरी) की इस आशंका से डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है. इसके अलावा, ग्लोबल स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा भी बना हुआ है, क्योंकि यदि ब्याज दरें बढ़ती हैं तो वैश्विक महंगाई और बढ़ने की उम्मीद है.
 

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घरेलू बाजार (MCX) पर सोने और चांदी के मौजूदा भाव

 

सोमवार को MCX पर 5 अगस्त की डिलीवरी वाले सोने का भाव 1022 रुपये (या 0.71%) गिरकर 1,43,140 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था. वहीं दूसरी ओर, 3 जुलाई की डिलीवरी चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट आई है, जहां यह करीब 1900 रुपये (या 1 फीसदी से ज्यादा) टूटकर 2,19,522 रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही थी.

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जून महीने में आई रिकॉर्ड गिरावट!

 

जून की शुरुआत से ही सोने-चांदी में लगातार गिरावट जारी है. अगर 29 मई से तुलना करें तो MCX पर चांदी 2.67 लाख रुपये से गिरकर अब 2.19 लाख रुपये पर आ गई है, यानी इसमें 48,000 रुपये (18%) की भारी कमी आई है. वहीं, 29 मई को सोना 1.61 लाख रुपये पर था, जो अब तक 18,000 रुपये (11%) घटकर 1.43 लाख रुपये के स्तर पर आ चुका है.

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अंतरराष्ट्रीय बाजार (Global Market) का हाल

 

वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी के दाम गिरकर ही कारोबार कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 26 डॉलर प्रति औंस (या 0.67%) की गिरावट के साथ 4,062 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है. इसी तरह, चांदी भी 2 डॉलर प्रति औंस (या 2%) की कमजोरी के साथ 58 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई है.

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एक्सपर्ट्स की सलाह

 

विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट सोने और चांदी में निवेश शुरू करने का एक सही मौका है. निवेशकों को ग्लोबल सेंटिमेंट को ध्यान में रखकर सतर्क रहना चाहिए और हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा करके (Staggered manner) लॉन्ग टर्म के नजरिए से खरीदारी करनी चाहिए. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि किसी भी नकारात्मक सेंटिमेंट के नुकसान से बचने के लिए अपने कुल पोर्टफोलियो का 20 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सोने-चांदी में निवेश न करें.