महंगा होगा इंटरनेट? अब हर 1GB डेटा इस्तेमाल करने पर देना पड़ सकता है टैक्स, सरकार कर रही तैयारी!
भारत सरकार मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर 1 रुपये प्रति GB टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है, जिससे सालाना 22,900 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद है. दूरसंचार विभाग (DoT) फिलहाल इस योजना के नफे-नुकसान की स्टडी कर रहा है.
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अगर आप भी घंटों सोशल मीडिया पर रील्स देखते हैं या यूट्यूब पर वीडियो स्ट्रीमिंग करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारत में जल्द ही मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. चर्चा है कि सरकार अब मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर एक नया टैक्स लगाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दूरसंचार विभाग (DoT) को एक विशेष टास्क सौंपा गया है. विभाग से कहा गया है कि वह इस बात की स्टडी करे कि क्या मोबाइल डेटा के इस्तेमाल पर अलग से टैक्स लगाना संभव है? हाल ही में टेलीकॉम सेक्टर की एक रिव्यू मीटिंग में यह मुद्दा उठा जिसके बाद अब इसके मॉडल और संभावनाओं को तलाशा जा रहा है.

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रिपोर्ट्स की मानें तो सरकार जिस फॉर्मूले पर विचार कर रही है उसमें यूजर्स से 1 रुपये प्रति GB डेटा के हिसाब से टैक्स लिया जा सकता है. इसका मतलब है कि आप जितना ज्यादा डेटा खर्च करेंगे, आपको उतना ही अतिरिक्त चार्ज देना होगा.

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अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर 1 रुपये प्रति GB का यह टैक्स लागू होता है तो सरकारी खजाने में हर साल लगभग 22,900 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम रेवेन्यू जुड़ सकता है.

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भारत इस समय दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां इंटरनेट सबसे सस्ता है और यही वजह है कि यहां डेटा की खपत रिकॉर्ड तोड़ रही है. फिलहाल हम अपने मोबाइल रिचार्ज और पोस्टपेड बिलों पर पहले से ही 18% GST दे रहे हैं. अगर डेटा टैक्स लागू होता है, तो यह मौजूदा टैक्स के ऊपर एक नया अतिरिक्त चार्ज होगा जो सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को बिगाड़ सकता है.

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फिलहाल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर इस खबर को लेकर काफी चर्चा है लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. अभी यह सिर्फ एक प्रस्ताव के स्तर पर है. दूरसंचार विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है या नहीं.