भारत में 40 साल बाद Maruti की बादशाहत खत्म, ब्रिकी में टाटा की ये कार बनी नंबर-1
Maruti-Tata: भारत की ऑटो इंडस्ट्री में मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स का नाम सबसे ऊपर है. जहां मारुति अपनी गाड़ियों के बेहतरीन माइलेज के लिए मशहूर है, वहीं टाटा अपनी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कारों के लिए जानी जाती है.

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भारत की ऑटो इंडस्ट्री में मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स का नाम सबसे ऊपर है. जहां मारुति अपनी गाड़ियों के बेहतरीन माइलेज के लिए मशहूर है, वहीं टाटा अपनी 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कारों के लिए जानी जाती है.

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भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में दशकों से मारुति सुजुकी का दबदबा रहा है. खासकर बिक्री के मामले में, इसकी गाड़ियां हमेशा टॉप लिस्ट में होती थीं. लेकिन इस बार टाटा मोटर्स ने नया इतिहास रच दिया. 'ऑटोकार प्रो' की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में टाटा की सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी 'Tata Punch' देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी बन गई है.

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चार दशक बाद ऐसा हुआ है जब टाटा की किसी गाड़ी ने मारुति को बिक्री के मामले में पछाड़ा है. साल 2024 में टाटा पंच की कुल 2.02 लाख यूनिट्स बिकीं, जबकि मारुति की WagonR की बिक्री 1.91 लाख यूनिट्स पर सिमट गई. टाटा पंच ने न केवल वैगनआर बल्कि स्विफ्ट को भी बिक्री के आंकड़ों में पीछे छोड़ दिया.

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भारत में एसयूवी की बढ़ती डिमांड के बीच टॉप 5 सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से तीन एसयूवी हैं. यह साफ दिखाता है कि उपभोक्ता प्रीमियम और सुरक्षित वाहनों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं.

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साल 2023 में मारुति की 'Ertiga' सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ी थी, लेकिन इस बार यह चौथे स्थान पर खिसक गई है. लोग अब ज्यादा सेफ, प्रीमियम और फीचर-लोडेड व्हीकल्स पसंद कर रहे हैं. टाटा पंच ने अपनी सेफ्टी और स्टाइलिश डिजाइन के दम पर बाजार में जबरदस्त पहचान बनाई है.

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पिछले साल भारतीय ऑटो इंडस्ट्री ने कुल 42.86 लाख गाड़ियां बेचीं. हालांकि, मारुति सुजुकी का मार्केट शेयर, जो 2018 में 52% था, अब घटकर 41% रह गया है. एसयूवी की बदलती डिमांड ने मारुति की बिक्री और मॉडल रैंकिंग दोनों पर असर डाला है.

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फिर भी, मारुति सुजुकी अपनी माइलेज वाली गाड़ियों के लिए बाजार में खास पहचान बनाए हुए है. लेकिन टाटा जैसी कंपनियां, जो सेफ्टी और प्रीमियम फीचर्स पर फोकस कर रही हैं, अब उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.

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2024 की सेल्स रिपोर्ट यह साफ दिखाती है कि भारतीय उपभोक्ता अब केवल माइलेज पर निर्भर नहीं हैं. वे सुरक्षित, स्टाइलिश और आधुनिक वाहनों की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं. टाटा पंच की सफलता इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.











