8th Pay Commission: सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, 15 साल के पेंशन नियम और सालाना इंक्रीमेंट में बदलाव से भी बदल सकती है कर्मचारियों की कमाई
8वें वेतन आयोग में सिर्फ फिटमेंट फैक्टर नहीं, पेंशन बहाली के 15 साल वाले नियम और सालाना इंक्रीमेंट पर भी बड़ा फैसला हो सकता है. जानिए किसे कितना असर पड़ेगा.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
संगठन 5 से 7 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट की मांग कर रहे हैं
पेंशन बहाली अवधि 15 से 11 साल करने की मांग उठी
35,000 रुपये पेंशन के उदाहरण में फायदा 6 लाख रुपये से ज्यादा
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं. कर्मचारियों की नजर जहां नई वेतन संरचना और फिटमेंट फैक्टर पर है, वहीं पेंशनभोगियों के लिए पेंशन से जुड़े कुछ पुराने नियमों में बदलाव की मांग भी जोर पकड़ रही है. 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हो चुका है, लेकिन इसकी सिफारिशों को अभी लागू नहीं किया गया है. आयोग की बैठकों का दौर जारी है और अलग-अलग कर्मचारी संगठन अपनी मांगें आयोग के सामने रख रहे हैं. इन मांगों में केवल मूल वेतन बढ़ाने की बात नहीं है. कर्मचारी संगठन सालाना वेतन वृद्धि यानी इंक्रीमेंट की दर बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं. वहीं पेंशनभोगियों से जुड़ी एक अहम मांग यह है कि सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त रकम लेने के बदले कम हुई पेंशन को दोबारा पूरी तरह बहाल करने की अवधि 15 साल से घटाकर 11 साल की जाए. अगर इन मांगों पर फैसला कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के पक्ष में आता है, तो इसका असर उनकी आय पर लंबे समय तक देखने को मिल सकता है.
