15 दिनों में बैंकों में आए करीब 7 लाख करोड़ रुपये. आखिर कहां से आया इतना पैसा ?

सिर्फ 15 दिनों में बैंकों में 6.97 लाख करोड़ रुपये की नई जमा आई. जानिए क्वार्टर एंड, विदेशी पूंजी और बढ़ती नकदी का EMI, FD और बाजार पर क्या असर हो सकता है.

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

जून अंत में बैलेंस शीट बेहतर दिखाने के लिए बैंक जमा बढ़ाया

विदेशी निवेश बढ़ाने और रुपये को संभालने वाले कदम असरदार रहे

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा, जिससे बाहरी पैसे की आमद का संकेत मिला

भारतीय बैंकिंग सिस्टम में सिर्फ 15 दिनों के भीतर करीब 6.97 लाख करोड़ रुपये की नई जमा (Deposit) दर्ज की गई है. यह बढ़ोतरी इतनी बड़ी है कि इसे पिछले 29 साल की तीसरी सबसे बड़ी पखवाड़े की जमा वृद्धि माना जा रहा है. पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि देश में अचानक पैसों की बाढ़ आ गई है. लेकिन इसके पीछे कई वजहें हैं. इनमें बैंकों की तिमाही खत्म होने से पहले की रणनीति, विदेशी पूंजी का प्रवाह और बैंकिंग सिस्टम में बेहतर होती लिक्विडिटी शामिल है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि EMI या FD की ब्याज दरों में तुरंत कोई बदलाव होने वाला है. लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि बैंकिंग सिस्टम की स्थिति पहले के मुकाबले अधिक मजबूत दिखाई दे रही है.