तेल महंगा, तनाव गहरा, भारत की जेब और अर्थव्यवस्था पर कितना दबाव
अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर के पार पहुंचा. जानिए भारत पर आयात बिल, महंगाई, ईंधन खर्च और बाजार पर कितना असर पड़ सकता है.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से ऊर्जा बाजार में बेचैनी बढ़ी
भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर खर्च का दबाव बढ़ सकता है
लंबी तेजी से ईंधन और ढुलाई महंगी होने की आशंका है
Crude Oil: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है. ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है, जिससे दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ गई है. भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह स्थिति सिर्फ महंगे तेल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर महंगाई, आयात बिल और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
