Budget 2026: बजट में शराब महंगी बीड़ी सस्ती, 1 फरवरी से महंगे हो गए सिगरेट
आम बजट 2026 में सरकार ने टैक्स कलेक्शन के नियमों में बदलाव करते हुए शराब और सिगरेट को महंगा कर दिया है, जबकि बीड़ी सस्ती हो गई है. शराब और खनिज पर TCS बढ़ाया गया है. वहीं बीड़ी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तेंदू पत्ते पर टैक्स घटाया गया है.

Liquor Price Hike India : 1 फरवरी को पेश हुए आम बजट में शराब महंगी हो गई है. वहीं बीड़ी बनाने में इस्तेमाल होने वाला तेंदू पत्ता सस्ता हो गया है. बजट में सरकार ने कुछ खास सामान बेचने पर लगने वाला TCS बढ़ाकर एक फीसदी से 2 फीसदी कर दिया है. वहीं तेंदूपत्ता पर लगने वाले TCS को 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है. वहीं सिगरेट के दाम में 1 फरवरी से 40 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी हो गई है.
शराब पर इससे पहले TCS एक फीसदी था जो अब 2 फीसदी हो गया है. उदाहरण के लिए अगर किसी शराब व्यापारी ने 1,00,000 रुपए की शराब बेची थी, तो उस पर 1,000 रुपए (1%) TCS पहले वसूलकर सरकार को जमा किया जाता था. अब उस व्यापारी को दोगुना यानी 2000 रुपए देने होंगे. इस बढ़ी हुई रकम का असर शराब की कीमतों पर पड़ेगा. वहीं स्क्रैप और खनिज के मामले में भी व्यापारी को पहले से कहीं ज्यादा TCS देना होगा.
तेंदू पत्ता पर TCS हुआ कम
तेंदू पत्ता जिससे बीड़ी बनाई जाती है उसपर TCS 5 फीसदी से घटकर 2 फीसदी कर दिया गया है. मान लीजिए किसी व्यापारी ने 1 लाख रुपए का तेंदू पत्ता बेचा. बेचने से पहले ही उसे सरकार को 5000 रुपए देने पड़ते थे. अब उस व्यापारी को 2000 रुपए ही चुकाने होंगे. यानी 1 लाख की बेच पर 3000 रुपए का फायदा. ऐसे में बीड़ी के दाम भी कम होंगे.
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TCS क्या है?
टीसीएस यानी (Tax Collected at Source). यानी जब व्यापारी कोई सामान बेचता है तो सरकार पहले ही उससे टैक्स ले लेती है.
सगरेट के दाम क्यों बढ़ गए?
चूंकि बजट 2026 में सिगरेट का जिक्र नहीं है फिर भी इसका रेट बढ़ने का जिक्र क्यों है? दरअसल 3 सितंबर 2025 को GST में बदलाव किए गए थे. इसमें कुछ चीजें सस्ती तो कुछ महंगी हुई थीं. इनमें से सिगरेट और पान मसाला भी है जिन्हें सरकार ने महंगा कर दिया था. पहले इनपर 28 फीसदी की GST और सेस लगता था. अब इनपर सीधे 40 फीसदी GST लग रही है. ये नई कीमतें 1 फरवरी से लागू की गई हैं. चूंकि सिगरेट और तंबाकू की नई कीमतों की तारीख को बढ़ाया गया था वहीं बाकी चीजों को उसी वक्त लागू कर दिया गया था.
तब भी बीड़ी हुई थी सस्ती
GST रिफॉर्म्स के दौरान बीड़ी पर GST 10 फीसदी घटाकर 18 फीसदी कर दी गई थी. तब से शोर मचा था कि बीड़ी सिगरेट से भी हानिकारक है. फिर भी इसे महंगा करने की बजाय सस्ता कर दिया गया है. एक रिसर्च की मानें तो एक बीड़ी दो सिगरेट के बराबर नुकसान करती है क्योंकि इसमें फिल्टर नहीं होता है. जिससे निकोटीन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड समेत कई हानिकारत तत्व सीधे फेफड़ों में पहुंचते हैं. बीड़ी के धुएं में सिगरेट के मुकाबले 3-5 गुना ज्यादा निकोटीन, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड होता है.
बीड़ी फिर सस्ती
बजट में तेंदू पत्ता पर TCS कम कर सरकार ने कहीं न कहीं बीड़ी के दामों पर असर डाला है. तेंदू पत्ता का रेट कम होने से बीड़ी के भी दाम पर असर आएगा.
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