सरकार ने 4 चीनी मूल की कंपनियों को बिजली टेंडर में छूट दी, पावर शेयरों में आया भूचाल
केंद्र ने भारत में फैक्ट्री वाली चार चीनी मूल की कंपनियों को दो साल के लिए सरकारी बिजली टेंडर में छूट दी है. फैसले के बाद पावर शेयरों पर दबाव दिखा.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
छूट सिर्फ उन कंपनियों को मिली जिनकी भारत में फैक्ट्री है
यह मंजूरी अभी केवल दो साल के लिए मान्य रहेगी
बढ़ती बिजली मांग ने ट्रांसमिशन उपकरणों की जरूरत काफी बढ़ा दी
भारत और चीन के रिश्तों में गलवान घाटी की घटना के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला था. केंद्र सरकार ने चीनी कंपनियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई थीं और सरकारी परियोजनाओं में उनकी हिस्सेदारी लगभग बंद हो गई थी. लेकिन अब करीब छह साल बाद सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने पावर सेक्टर के निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. केंद्र सरकार ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग करने वाली चार चीनी मूल की कंपनियों को सरकारी बिजली परियोजनाओं के टेंडर में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है. इस फैसले के बाद पावर इक्विपमेंट सेक्टर के कई बड़े शेयरों में एक ही दिन में 5 से 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया और इसका भारतीय कंपनियों पर क्या असर पड़ सकता है.
