Copper के लिए दुनिया में मची होड़! Buyers दे रहे Extra Premium, भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

कॉपर की कीमत और कमी दोनों बढ़ रही हैं. एआई, ईवी, डेटा सेंटर और ग्रीन ऊर्जा की मांग के बीच जानिए भारत की इंडस्ट्री और लागत पर इसका क्या असर पड़ सकता है.

ADVERTISEMENT

तांबे के उत्पादन में भारी गिरावट आई
तांबे के उत्पादन में भारी गिरावट आई
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

अगस्त 2026 में भारत में कॉपर करीब 1378 रुपये किलो तक पहुंचा

तुरंत डिलीवरी वाले कॉपर के लिए खरीदार अतिरिक्त प्रीमियम देने को तैयार

एसएंडपी के मुताबिक 2040 तक वैश्विक मांग 42 मिलियन टन पहुंच सकती

एक वक्त तक Silver को मुख्य रूप से Precious Metal के तौर पर देखा जाता था. लेकिन Solar Panels, Electronics और दूसरी Industrial Applications में इसका इस्तेमाल बढ़ा, तो इसकी Strategic Importance भी बढ़ती गई. अब कुछ ऐसी ही कहानी Copper में दिखाई दे रही है.