अडानी केस पर अमेरिकी न्याय विभाग का यू टर्न, कहा मुकदमा जरूरी नहीं था
अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी मामले में कोर्ट से कहा कि यह केस शायद दर्ज नहीं होना चाहिए था. 10 पन्नों की फाइलिंग ने पुराने फैसले पर बड़े सवाल खड़े किए.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
आरोप पत्र के सिर्फ 2 पन्नों में भारत का जिक्र 200 से ज्यादा बार होने का दावा
विभाग ने पूछा, इतने भारतीय पहलुओं वाले मामले में अमेरिका क्यों आए
ज्यादातर गवाह, सबूत और घटनाएं अमेरिका के बाहर होने की बात कही
अमेरिका के न्याय विभाग यानी Department of Justice (DOJ) की एक 10 पन्नों की कोर्ट फाइलिंग इस समय दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. वजह सिर्फ इतनी नहीं है कि गौतम अडानी और अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मामला वापस लेने की बात कही गई है. असली वजह उस फाइलिंग में इस्तेमाल की गई भाषा है. DOJ ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कई ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो आमतौर पर किसी सरकारी एजेंसी की अदालत में दाखिल फाइलिंग में देखने को नहीं मिलतीं.
