अब CNG-PNG में मिलाई जाएगी कचरे और गोबर से बनी बायोगैस, कैबिनेट ने दी मंजूरी !
सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को मंजूरी दी है. इससे सीएनजी और पीएनजी में बायोगैस मिलाई जाएगी. कचरे से ईंधन बनेगा और किसानों को कमाई का नया रास्ता मिलेगा.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
योजना पर अगले 10 वर्षों में 23,731 करोड़ रुपये खर्च होंगे
वित्त वर्ष 2026-27 से बायोगैस ब्लेंडिंग 3 फीसदी से शुरू होगी
2028-29 से सीएनजी और पीएनजी नेटवर्क में हिस्सा 5 फीसदी होगा
देश में पेट्रोल-डीजल और गैस के आयात को कम करने के लिए सरकार अब एक नए ईंधन पर बड़ा दांव लगाने जा रही है. आने वाले समय में घरों में पहुंचने वाली PNG और गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली CNG में बायोगैस मिलाई जाएगी. केंद्र सरकार ने गोबरधन योजना के तहत 23,731 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है. इस योजना का मकसद अगले 10 साल में देश में कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG का उत्पादन तेजी से बढ़ाना है. सरकार का कहना है कि इससे एक तरफ देश को साफ ऊर्जा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ किसानों और गांवों में कमाई के नए मौके भी बनेंगे.
