Gold Silver Price Update: ऑल-टाइम हाई के बाद फिसले सोना-चांदी, अचानक क्यों टूटा भाव?
Gold Silver Price Update: ऑल-टाइम हाई छूने के बाद सोने और चांदी की कीमतों में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है. MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है. अमेरिका-यूरोप टैरिफ तनाव में कमी, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के कारण गोल्ड-सिल्वर के भाव फिसले हैं. जानिए गिरावट की असली वजह और जानकारों की क्या है राय.

Gold Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार उछाल देखी जा रही थी, लेकिन 22 जनवरी को बाजार में अचानक बड़ा उलटफेर हुआ. रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब सोना और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट हुई है. MCX से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं पर दबाव साफ नजर आया. निवेशकों के मन में सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद दाम अचानक फिसल गए. क्या यह सिर्फ मुनाफावसूली का असर है या इसके पीछे कोई बड़ा वैश्विक कारण छिपा है? आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
सोने-चांदी के भाव में आई गिरावट
MCX एक्सचेंज पर 5 फरवरी की डिलीवरी वाले सोने की कीमत में आज 3,000 रुपये से ज्यादा गिरावट आई है. पिछले सत्र में ये 1,52,862 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 1,51,557 रुपये पर खुला. शुरुआती कारोबार में यह 1,49,400 रुपये तक लो और 1,53,784 रुपये तक हाई गया. चांदी की कीमत में भी करीब 13,000 रुपये की गिरावट आई है. 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी MCX पर पिछले सत्र में 3,18,492 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी और आज 3,19,843 रुपये पर खुली. शुरुआती कारोबार में यह 3,05,753 रुपये तक लो और 3,25,602 रुपये तक हाई गई.
क्या है इस गिरावट के पीछे की वजह?
अब सवाल ये है कि सोने-चांदी में ये गिरावट क्यों आई. दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईयू पर 10 फीसदी नया टैरिफ नहीं लगा रहे हैं. उनके इस बयान से सोने और चांदी की कीमत में गिरावट दिख रही है. हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमत ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थी लेकिन मुनाफावसूली के चलते कीमतें नीचे आ गईं. ट्रंप ने कहा है कि यूरोप पर लगाए जाने वाले टैरिफ अब लागू नहीं होंगे. ये टैरिफ ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे के विरोध में यूरोपीय देशों पर लगाए जाने थे. साथ ही अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर चल रहा तनाव कम हो गया. इस खबर से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग थोड़ी कम हो गई.
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इंटरनेशनल मार्केट में भी नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में नरमी आई। ग्रीनलैंड को लेकर तनाव कम होने से अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा. सोने की कीमतों में 1% तक की गिरावट आई. इससे पहले सोने ने लगातार तीन दिनों की बढ़त के बाद 4,888 डॉलर प्रति औंस का नया रेकॉर्ड स्तर छुआ था. स्पॉट चांदी भी मंगलवार को 95.87 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के रेकॉर्ड पर पहुंच गई थी.
सोने को आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के समय एक सुरक्षित निवेश माना जाता है. 2025 में सोने की कीमतों में 64% की भारी बढ़ोतरी हुई थी और 2026 में अब तक यह 11% बढ़ चुका है. जानकारों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव, अमेरिका के बेरोजगारी के आंकड़े और भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है.
अचानक क्यों बढ़ने लगे सोना-चांदी के दाम?
जानकारों के मुताबिक, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक खूब सोना खरीद रहे हैं. वहीं ऊंची कीमतों के बावजूद दुनिया भर की मॉनेटिरी अथॉरिटी भी सोना खरीद रही हैं. इससे पता चलता है कि जब आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने को एक जरूरी सुरक्षित संपत्ति माना जाता है. सोने की बढ़ती कीमतों में भारत और चीन का भी बड़ा योगदान है. दोनों देशों ने अमेरिका के ट्रेजरी बॉन्ड ( US Treasuries ) में अपना निवेश कम किया है और सोने की खरीद बढ़ाई है. यह सिर्फ कुछ समय के लिए पोर्टफोलियो में बदलाव नहीं है, बल्कि यह उनके रिजर्व मैनेजमेंट की रणनीति में एक बड़ा बदलाव दिखाता है.










