Gold Silver Price Update: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बीच सोने-चांदी की बदली तस्वीर, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

Gold Silver Price Update: भारत–अमेरिका ट्रेड डील में सकारात्मक संकेतों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. MCX पर गोल्ड 1.53 लाख रुपये और सिल्वर 2.78 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है. ट्रेड डील, ग्लोबल सेंटिमेंट और निवेशकों के भरोसे से जुड़े इस पूरे गोल्ड-सिल्वर प्राइस अपडेट की पूरी जानकारी यहां पढ़ें.

Gold price today India
Gold Silver Price Latest Update
social share
google news

भारत–अमेरिका ट्रेड डील का असर अब सिर्फ कूटनीति या शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा और गहरा प्रभाव सोने और चांदी की कीमतों में भी देखने को मिल रहा है. कुछ समय पहले तक जिस तरह से गोल्ड–सिल्वर मार्केट सुस्त पड़ा हुआ था, अब वहां तेजी की जबरदस्त वापसी हो चुकी है. निवेशकों का भरोसा दोबारा मजबूत होता दिख रहा है और सेफ हेवन की ओर पैसा तेजी से शिफ्ट हो रहा है.

इस पूरे पॉजिटिव सेंटिमेंट की जड़ में भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटकी हुई ट्रेड डील का आगे बढ़ना है. जिस डील को लेकर पहले टैरिफ वॉर, बयानबाजी और दबाव की राजनीति देखने को मिल रही थी, अब वही डील सुलझती नजर आ रही है. बाजार ने इसे साफ संदेश के तौर पर लिया है कि भारत वैश्विक मंच पर अपने हितों से समझौता नहीं करता और किसी भी दबाव में झुकने वाला देश नहीं है.

सोने-चांदी के ताजा भाव 

3 फरवरी शाम 7:30 बजे तक MCX पर 02 अप्रैल 2026 एक्सपायरी वाला सोना भारी उछाल के साथ करीब 1 लाख 53 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा. वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही.  MCX पर 05 मार्च 2026 एक्सपायरी वाली चांदी में तेजी देखने को मिली और यह लगभग 2 लाख 78 हजार रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई. यानी साफ है कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील पक्की होने की खबर ने दोनों कीमती धातुओं में जान फूंक दी है.

यह भी पढ़ें...

भारत ने शुरू से अपनाया कड़ा रूख

यह भी समझना जरूरी है कि इस पूरी प्रक्रिया में भारत ने अमेरिका को मनाने के लिए कोई अतिरिक्त कोशिश या दबाव वाली कूटनीति नहीं अपनाई. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दबाव बनाने की कोशिश करते रहे, लेकिन भारत का स्टैंड शुरू से बिल्कुल साफ रहा. भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर उस पर टैरिफ या प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो वह वैकल्पिक वैश्विक बाजार तलाशने में पूरी तरह सक्षम है.

इसी रणनीति का सबसे बड़ा उदाहरण यूरोपीय संघ के साथ हुई ऐतिहासिक डील है, जिसे 'मदर ऑफ ऑल डील' कहा जा रहा है. यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ भारत का मौजूदा व्यापार करीब 180 बिलियन डॉलर का है और इस डील के तहत अगले 5 से 7 वर्षों में इसे दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है. यही नहीं, अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस पर पड़ने वाले संभावित असर की भरपाई के लिए भारत पहले ही रोडमैप तैयार कर चुका है. आने वाले तीन वर्षों में भारत करीब 100 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त ट्रेड सरप्लस दूसरे बाजारों से हासिल करने की स्थिति में है.

ट्रेड डील का कमोडिटी मार्केट पर असर

अरब देशों के साथ भी भारत ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है. इन तमाम कदमों ने यह साबित कर दिया है कि भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं,  बल्कि एक मजबूत, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से सशक्त अर्थव्यवस्था बन चुका है. यही वजह है कि वैश्विक दबावों और टैरिफ के बावजूद भारत की आर्थिक ग्रोथ मजबूत बनी हुई है.

जब यह भरोसा ग्लोबल मंच पर मजबूत हुआ, तो उसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा. निवेशकों ने दोबारा सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के तौर पर देखना शुरू कर दिया। यही कारण है कि इन धातुओं में इतनी तेज और व्यापक तेजी देखने को मिल रही है.

यानी भारत–अमेरिका ट्रेड डील के पक्के होने से न सिर्फ शेयर बाजार को सपोर्ट मिला है, बल्कि सोने और चांदी में आई यह भारी उछाल भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और मजबूत कूटनीतिक स्थिति का सीधा संकेत है. आने वाले समय में अगर यह डील पूरी तरह ज़मीनी स्तर पर उतरती है, तो गोल्ड–सिल्वर में यह तेजी और गहराती हुई दिखाई दे सकती है.

यह खबर भी पढ़ें: Flipkart Sale धमाका! iPhone 16 पर तगड़ा डिस्काउंट, स्टॉक खत्म होने से पहले खरीदें!

    follow on google news