अर्थशास्त्रियों की अब भारत के लिए बड़ी चेतावनी, चीन की गलती से क्या सीख सकता है देश?
ईएसी-पीएम रिपोर्ट कहती है कि भारत की प्रजनन दर 1.9 पर आ गई है. कई राज्यों में जन्म दर लंबे समय से कम है, इसलिए जनसंख्या नीति पर नए सिरे से सोच जरूरी है.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
रिपोर्ट के अनुसार देश की कुल प्रजनन दर रिप्लेसमेंट स्तर से नीचे
बिहार और उत्तर प्रदेश हटाएं तो बाकी भारत की दर और कम
साल 2001 से 2023 के बीच जन्मों में करीब 61 लाख कमी
भारत की आबादी को लेकर दशकों तक सबसे बड़ी चिंता यह रही कि देश में जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. इसी सोच के आधार पर लंबे समय तक परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण को सरकारी नीतियों में अहम जगह मिली. लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है.
