ईरान युद्ध से भारत के पेट्रोलियम एक्सपोर्ट को मिला बड़ा बूस्ट, स्पेन-फ्रांस-इटली तक पहुंचा भारतीय पेट्रोल-डीजल

पश्चिम एशिया संकट के बाद भारत से पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सिंगापुर, स्पेन, इटली और तंजानिया तक तेजी से बढ़ी. जानिए किन बाजारों में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज हुआ.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

ईरान युद्ध से भारतीय तेल एक्सपोर्ट को बूस्ट

सिंगापुर बना सबसे बड़ा तेल बाजार

तंजानिया निर्यात में तेल उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़कर 77 प्रतिशत हो गई

पश्चिम एशिया में शुरू हुए युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार के साथ-साथ भारत के पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट की तस्वीर भी बदल दी है. भारत भले ही अपनी जरूरत का करीब 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता हो, लेकिन रिफाइनिंग के बाद तैयार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के निर्यात में देश लगातार नए बाजारों तक पहुंच बना रहा है. ईरान युद्ध के बाद सप्लाई में आई रुकावटों ने इस ट्रेंड को और तेज कर दिया है. इटली, स्पेन और फ्रांस जैसे यूरोपीय देशों से लेकर सिंगापुर और तंजानिया तक, भारतीय रिफाइनरियों से तैयार पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी है. कई ऐसे बाजार, जो पहले भारत से सीमित मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद खरीदते थे, अब भारतीय सप्लाई पर ज्यादा निर्भर नजर आ रहे हैं.