अमेरिकी टेक शेयरों में भारी गिरावट, क्या सोमवार को भारतीय बाजार में भी मचेगा हाहाकार? जानिए 5 बड़े ट्रिगर
अमेरिकी टेक शेयरों में भारी गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय बाजार की चाल पर नजर रहेगी. निफ्टी के अहम स्तर, कच्चा तेल और विदेशी बिकवाली रुख ही तय करेंगे.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
शुक्रवार को सेंसेक्स 308 अंक चढ़कर 74,459 पर बंद हुआ
सोना और चांदी में तेज गिरावट ने जोखिम से दूरी दिखाई
ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर पहुंचने से आयात बिल की चिंता बढ़ी
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए शुक्रवार का दिन दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर आया. भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए, लेकिन अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की भारी बिकवाली देखने को मिली. Nasdaq करीब 2.86% टूट गया, जबकि S&P 500 में 1.82% की गिरावट आई. सबसे बड़ा झटका Intel को लगा, जिसका शेयर करीब 28.6% तक टूट गया.
अब निवेशकों के सामने सवाल है कि क्या अमेरिकी बाजारों की इस कमजोरी का असर सोमवार को भारतीय बाजार पर भी दिखेगा? क्या शुक्रवार की तेजी के बाद बाजार फिर दबाव में आ सकता है? आइए जानते हैं सोमवार को बाजार की चाल तय करने वाले 5 बड़े ट्रिगर.
1. अमेरिकी टेक शेयरों की गिरावट का कितना होगा असर?
अमेरिकी बाजारों में गिरावट की एक बड़ी वजह टेक कंपनियों के नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर हो रहे भारी खर्च को लेकर चिंता रही. निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि कंपनियां AI पर जितना पैसा लगा रही हैं, क्या भविष्य में उससे उतनी कमाई भी हो पाएगी? Intel के कमजोर कारोबारी आउटलुक ने इस चिंता को और बढ़ा दिया.
इसका असर सोमवार को भारतीय IT शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है. अमेरिकी टेक कंपनियों में बिकवाली से भारतीय IT सेक्टर की धारणा प्रभावित हो सकती है. हालांकि, भारतीय कंपनियों के अपने नतीजे, कारोबार की स्थिति और शेयरों का मूल्यांकन भी अहम भूमिका निभाएंगे.
2. शुक्रवार को भारतीय बाजार में रही तेजी
अमेरिकी बाजारों में गिरावट से पहले भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते का अंत मजबूती के साथ किया था.
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Sensex 308 अंक चढ़कर 74,459 पर बंद हुआ.
Nifty 116 अंक बढ़कर 23,053 पर पहुंचा.
Nifty IT में 2% से ज्यादा की तेजी रही.
Infosys और Wipro जैसे शेयरों में 3-4% तक की बढ़त आई.
पूरे हफ्ते में Nifty करीब 2% और Sensex 1.83% चढ़ा.
अब देखना होगा कि अमेरिकी बाजारों की कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार अपनी इस तेजी को बरकरार रख पाता है या नहीं.
3. सोना, चांदी और Bitcoin में भी बिकवाली
शुक्रवार को कमजोरी सिर्फ शेयर बाजारों तक सीमित नहीं रही. सोने, चांदी और Bitcoin में भी गिरावट देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 3.6% टूटकर 3,876 डॉलर प्रति औंस और चांदी करीब 5.8% गिरकर 49 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई.
वहीं, MCX पर सोने का दिसंबर वायदा करीब 2.9% गिरकर 1,38,485 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का वायदा करीब 5.5% टूटकर 1,79,000 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ. Bitcoin भी करीब 77,200 डॉलर के स्तर पर रहा.
अलग-अलग निवेश विकल्पों में एक साथ कमजोरी यह संकेत देती है कि निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं. हालांकि, हर एसेट में गिरावट की वजह एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है.
4. कच्चा तेल और पश्चिम एशिया का तनाव बढ़ाएगा चिंता
सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम रहेंगी. शुक्रवार को Brent Crude करीब 117 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा रहने से देश का आयात बिल बढ़ सकता है. इसका असर रुपये, महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है.
इसके अलावा निवेशकों की नजर OPEC+ की बैठक पर रहेगी. उत्पादन बढ़ाने को लेकर कोई संकेत मिलता है, तो कच्चे तेल की कीमतों को राहत मिल सकती है.
5. Nifty के लिए 23,150 का स्तर अहम
तकनीकी नजरिए से Nifty के लिए 23,150 से 23,160 का स्तर अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है. अगर इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता है, तो 23,250 और उसके बाद 23,450-23,500 की तरफ बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है.
वहीं, नीचे की ओर 22,845 पहला अहम सपोर्ट है. इसके टूटने पर 22,559 का स्तर अगला सपोर्ट बन सकता है.
सोमवार को बाजार में हलचल बढ़ाने वाले दूसरे संकेतों में अक्टूबर का मैन्युफैक्चरिंग PMI, ऑटो कंपनियों की बिक्री के आंकड़े और ITC तथा Marico जैसी कंपनियों के नतीजे शामिल हैं.
FII की बिकवाली के सामने DII की खरीदारी
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. अक्टूबर में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 45,161 करोड़ रुपये निकाले. इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने करीब 62,220 करोड़ रुपये की खरीदारी की. घरेलू निवेशकों की यह खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है.
अब सोमवार को निवेशकों को तीन बातों पर खास नजर रखनी होगी. पहली, Nifty 23,150 के ऊपर टिक पाता है या नहीं. दूसरी, अमेरिकी टेक शेयरों की कमजोरी भारतीय IT कंपनियों पर कितना असर डालती है. और तीसरी, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को कितना संभाल पाती है.
