ITR Filing 2026: 31 जुलाई की डेडलाइन नजदीक. रिटर्न भरते समय इन 10 गलतियों से बचें, वरना नोटिस, जुर्माना या रिफंड में हो सकती है देरी
31 जुलाई से पहले आईटीआर भर रहे हैं तो सही फॉर्म, पूरी आय, बैंक ब्याज और ई-वेरिफिकेशन जैसी जरूरी बातों पर ध्यान दें, वरना नोटिस या रिफंड में देरी भी हो सकती है.
ADVERTISEMENT

न्यूज़ हाइलाइट्स
सिर्फ फॉर्म-16 के आधार पर रिटर्न भरना अब सुरक्षित नहीं
एआईएस, टीआईएस और 26एएस मिलान से डेटा गड़बड़ी जल्दी पकड़ी जाती
आयकर विभाग के पास अब लेनदेन का विस्तृत डेटा पहले से मौजूद
ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तेजी से करीब आ रही है. ऐसे में बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न फाइल करने की तैयारी में जुटे हैं. हालांकि जल्दबाजी में की गई छोटी-सी गलती भी बाद में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. गलत जानकारी, अधूरी आय का खुलासा, गलत ITR फॉर्म का चयन या ई-वेरिफिकेशन भूल जाना जैसी चूक नोटिस, जुर्माने या टैक्स रिफंड में देरी की वजह बन सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अब आयकर विभाग के पास टैक्सपेयर्स के वित्तीय लेनदेन से जुड़ा काफी विस्तृत डेटा उपलब्ध रहता है. इसलिए केवल फॉर्म-16 के आधार पर रिटर्न भरना पर्याप्त नहीं माना जा सकता.
