Stock Scan: मुनाफा 51 फीसदी घटा, फिर क्यों चढ़ा Jio Financial का शेयर ?

जियो फाइनेंशियल में प्रमोटर हिस्सेदारी 50.98 फीसदी हुई और शेयर 4 फीसदी चढ़ा. जानें घटते मुनाफे, नए शेयरों और 220 रुपये के अहम स्तर का पूरा हिसाब.

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA
▌

न्यूज़ हाइलाइट्स

कुल शेयर 660.31 करोड़ से बढ़कर 685.31 करोड़ हो गए

वारंट बदलने की तय कीमत 316.5 रुपये थी, बाजार खरीद नहीं

कुल आय 70 फीसदी बढ़ी, लेकिन खर्च 1,166 करोड़ पहुंचा

Jio Financial Services के शेयर में सोमवार को करीब 4% की तेजी देखने को मिली. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के ताजा नतीजों में मुनाफा आधे से ज्यादा घट गया है और पिछले कुछ महीनों में शेयर भी दबाव में रहा है. इसके बावजूद निवेशकों की खरीदारी ने बाजार का ध्यान खींचा. इस तेजी के पीछे कंपनी के प्रमोटर ग्रुप से जुड़ा एक बड़ा बदलाव है. प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी अब 50% के पार पहुंच गई है. हालांकि, इस खबर के साथ नए शेयर जारी होने और मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी घटने का पहलू भी जुड़ा है.

प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 50% के पार

Jio Financial Services ने प्रमोटर ग्रुप की दो कंपनियों Sikka Ports & Terminals और Jamnagar Utilities & Power को 12.5-12.5 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं. इस तरह कुल 25 करोड़ नए शेयर जारी हुए हैं.

इस आवंटन के बाद दोनों कंपनियों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी हुई है.

  • Sikka Ports की हिस्सेदारी 2.93% से बढ़कर 4.65% हो गई.

  • Jamnagar Utilities की हिस्सेदारी 3.84% से बढ़कर 5.52% पहुंच गई.

  • पूरे प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 49.13% से बढ़कर 50.98% हो गई.

  • बाजार में प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी को अक्सर कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसे के संकेत के रूप में देखा जाता है. Jio Financial के मामले में भी इस खबर से निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर हुआ हो सकता है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि प्रमोटर ग्रुप ने ये शेयर खुले बाजार से नहीं खरीदे हैं.

    क्या है ₹316.50 वाले वारंट का पूरा मामला?

    दरअसल, सितंबर 2025 में कंपनी ने इन दोनों प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों को 25-25 करोड़ वारंट जारी किए थे. हर वारंट को ₹316.50 देकर एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता था. दोनों कंपनियों ने शुरुआत में कुल रकम का 25% भुगतान किया था. अप्रैल 2026 में इन्हें 12.5-12.5 करोड़ शेयर मिल चुके थे. अब बाकी वारंट भी शेयरों में बदल दिए गए हैं.

    यहां ₹316.50 को शेयर का मौजूदा बाजार भाव नहीं समझना चाहिए. यह वारंट को इक्विटी शेयर में बदलने की पहले से तय कीमत थी.

    नए शेयर जारी होने से निवेशकों पर क्या असर?

    नए शेयर जारी होने के कारण Jio Financial के कुल इक्विटी शेयरों की संख्या करीब 660.31 करोड़ से बढ़कर 685.31 करोड़ हो गई है. यानी इसमें लगभग 3.8% की बढ़ोतरी हुई है.

    इससे मौजूदा निवेशकों की कंपनी में हिस्सेदारी का प्रतिशत कम हो सकता है. इसे डायल्यूशन कहते हैं. उदाहरण के लिए, अगर किसी कंपनी के कुल 100 शेयर हैं और किसी निवेशक के पास 10 शेयर हैं, तो उसकी हिस्सेदारी 10% होगी. कंपनी 20 नए शेयर जारी कर दे, तो उसके पास शेयरों की संख्या 10 ही रहेगी, लेकिन कुल शेयर 120 होने से हिस्सेदारी घटकर 8.33% रह जाएगी.

    हालांकि, नए शेयर जारी करने से कंपनी को पूंजी भी मिलती है. अब यह देखना अहम होगा कि Jio Financial इस पूंजी का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और मुनाफा मजबूत करने में कैसे करती है.

    कारोबार बढ़ा, लेकिन मुनाफे ने बढ़ाई चिंता

    Jio Financial सिर्फ कर्ज देने तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी लोन, म्यूचुअल फंड, डिजिटल पेमेंट, बैंकिंग और बीमा जैसे क्षेत्रों में विस्तार कर रही है. JioBlackRock, Jio Payments Bank और Jio Payment Solutions इसी रणनीति का हिस्सा हैं. इसके अलावा Allianz के साथ बीमा कारोबार में साझेदारी और Bank of America का Jio Credit में 49.9% तक हिस्सेदारी लेने के लिए ₹18,268 करोड़ का प्रस्तावित निवेश भी कंपनी की विस्तार योजनाओं से जुड़ा है. यह निवेश जरूरी मंजूरियों के अधीन है.

    कंपनी के कारोबार से जुड़े कुछ आंकड़े भी विस्तार की तस्वीर दिखाते हैं.

    • Jio Credit का AUM ₹37,320 करोड़.

  • JioBlackRock का AUM ₹22,746 करोड़.

  • Payments Bank की जमा ₹643 करोड़.

  • Payment Solutions का कुल भुगतान मूल्य ₹14,682 करोड़.

  • लेकिन कारोबार बढ़ने के बावजूद कंपनी के मुनाफे में गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है. सितंबर तिमाही में Jio Financial का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 51% घटकर ₹340.44 करोड़ रह गया. दूसरी तरफ कुल आय करीब 70% बढ़कर ₹1,699.41 करोड़ पहुंच गई. ब्याज से होने वाली आय भी ₹392.37 करोड़ से बढ़कर ₹1,257.68 करोड़ हो गई. लेकिन कुल खर्च ₹436.50 करोड़ से बढ़कर ₹1,166 करोड़ पहुंच गया. यानी बढ़ती आय के साथ खर्च भी तेजी से बढ़े और इसका असर मुनाफे पर पड़ा.

    Jio Financial Share: आगे किन स्तरों पर रहेगी नजर?

    सोमवार को शेयर करीब 4% चढ़कर ₹213 के आसपास कारोबार कर रहा था. हालांकि, पिछले 6 महीनों में इसमें करीब 14% और एक साल में लगभग 30% की गिरावट रही है.

    तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, शेयर के लिए ₹200-205 का दायरा अहम सपोर्ट है. SBI Securities के सुदीप शाह ने ₹217-220 के स्तर को मजबूत रेजिस्टेंस बताया है. उनके मुताबिक, ₹220 के ऊपर निर्णायक क्लोजिंग मिलने पर ही शॉर्ट टर्म में ट्रेंड बदलने के संकेत मिल सकते हैं.

    Choice Broking के दीपेश सरावगी के मुताबिक, शेयर में बुलिश RSI डाइवर्जेंस के संकेत हैं. उनके अनुसार ₹202.50-206 का दायरा सपोर्ट और ₹221-222 रेजिस्टेंस है. इसके ऊपर ₹230 अगला अहम स्तर हो सकता है.

    फिलहाल Jio Financial के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली, तेजी से बढ़ते कारोबार को टिकाऊ मुनाफे में बदलना और दूसरी, शेयर में आई तेजी को मजबूत ट्रेंड में बदलना. सिर्फ प्रमोटर की बढ़ती हिस्सेदारी या एक दिन की तेजी से यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि शेयर की गिरावट खत्म हो गई है. निवेशकों के लिए कंपनी के आगामी नतीजों और मुनाफे में सुधार पर नजर रखना जरूरी होगा.