Market News : नवंबर की शुरुआत में शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला, Reliance समेत इन शेयरों ने निवेशकों को चौंकाया
शेयर बाजार में नवंबर की शुरुआत शानदार रही. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी 23,200 के पार निकल गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और रिलायंस के बेहतर नतीजों ने बाजार को मजबूती दी. जानिए किन सेक्टरों और शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली.
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Market News: नवंबर के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी 23,200 के पार पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार का मूड बदलने में अहम भूमिका निभाई. ऑयल एंड गैस, मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. अब निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रमों पर बनी हुई है.
नवंबर की शुरुआत में शेयर बाजार में लौटी रौनक
भारतीय शेयर बाजार के लिए नवंबर का पहला कारोबारी दिन मजबूती लेकर आया. सोमवार, 1 नवंबर 2026 को बाजार की शुरुआत हरे निशान में हुई और शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी ने तेजी पकड़ ली. सुबह करीब 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा की बढ़त के साथ 75,270 के स्तर पर पहुंच गया. वहीं, एनएसई निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा चढ़कर 23,260 के आसपास कारोबार करता नजर आया. पिछले कुछ समय से बाजार में बनी अनिश्चितता के बीच इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी. खास बात यह रही कि खरीदारी सिर्फ चुनिंदा बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मेटल, ऑयल एंड गैस, ऑटो और सरकारी बैंकिंग शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को दिया सहारा
शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट एक बड़ी वजह रही. दरअसल, ईरान युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत में प्रगति की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम नीचे आए. पिछले सप्ताह छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत में 3.02 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 110.01 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इसी तरह अमेरिकी कच्चा तेल यानी WTI भी 3.05 फीसदी टूटकर 100.94 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. भारत जैसे देशों के लिए कच्चे तेल की कीमतें काफी अहम होती हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. तेल महंगा होने से आयात बिल बढ़ता है और महंगाई पर भी दबाव पड़ सकता है. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों को राहत मिली और बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ.
Reliance Industries के शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी
बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही. कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के बाद निवेशकों ने शेयर में जमकर खरीदारी की. शुरुआती कारोबार में रिलायंस का शेयर 4.42 फीसदी तक चढ़ गया. इसके अलावा टाटा स्टील के शेयर में 3.52 फीसदी और एनटीपीसी में 3.16 फीसदी की तेजी देखने को मिली. मारुति सुजुकी का शेयर 2.46 फीसदी ऊपर रहा. पावर सेक्टर से जुड़े पावर ग्रिड के शेयर में 1.80 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. वहीं, डिफेंस सेक्टर की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी BEL का शेयर भी 1.79 फीसदी चढ़ गया. इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार के प्रमुख इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद की.
ऑयल एंड गैस, मेटल और सरकारी बैंकिंग शेयरों में भी खरीदारी
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑयल एंड गैस कंपनियों के शेयरों में सबसे अच्छी तेजी देखने को मिली. निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 2.39 फीसदी चढ़ गया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इस सेक्टर की कंपनियों को लेकर निवेशकों का रुझान बेहतर रहा. मेटल शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.47 फीसदी ऊपर पहुंच गया. इसके अलावा सरकारी बैंकों के शेयरों में तेजी के चलते निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 1.63 फीसदी चढ़ा. ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी जारी रही और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.20 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा. वहीं, आईटी शेयरों में भी हल्की मजबूती रही. निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.46 फीसदी ऊपर रहा. इससे साफ रहा कि बाजार में तेजी का दायरा कई सेक्टरों तक फैला हुआ था.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दिखी हरियाली
बाजार में खरीदारी का फायदा सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों को ही नहीं मिला. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली. निफ्टी 100 इंडेक्स में 0.95 फीसदी की बढ़त रही. निफ्टी 200 इंडेक्स 0.92 फीसदी और निफ्टी 500 इंडेक्स 0.89 फीसदी चढ़ा. मिडकैप शेयरों की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.78 फीसदी मजबूत हुआ. वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.27 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडिया VIX 1.71 फीसदी बढ़कर 15.57 पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि तेजी के बावजूद बाजार में अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बढ़ा भरोसा
भारतीय शेयर बाजार को विदेशी निवेशकों की खरीदारी से भी समर्थन मिला. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में करीब 3,600 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी. ऐसे में उनकी ओर से हुई खरीदारी को बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इसके साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के बेहतर तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. दूसरी तरफ, वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के बीच भारत जैसे बाजारों के प्रति निवेशकों का आकर्षण बेहतर होने की उम्मीद है. इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि भारतीय बाजार का प्रदर्शन AI निवेश से जुड़े कारोबार पर उतना निर्भर नहीं है.
आगे बाजार की चाल किन बातों पर निर्भर करेगी?
नवंबर की शुरुआत में आई तेजी से निवेशकों का उत्साह जरूर बढ़ा है, लेकिन बाजार के सामने अभी कई चुनौतियां भी हैं. आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है. इसके अलावा ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम, विदेशी निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली और कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी. अगर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी रहती है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है. हालांकि, वैश्विक घटनाक्रमों में किसी भी तरह का बदलाव बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा सकता है. कुल मिलाकर, नवंबर के पहले कारोबारी दिन बाजार ने मजबूत शुरुआत की है. अब देखना होगा कि यह तेजी आने वाले कारोबारी सत्रों में कितनी टिक पाती है.
