लोन की EMI रुकते ही आम आदमी पर सख्त बैंक, कॉरपोरेट्स के ₹7.73 लाख करोड़ राइट-ऑफ क्यों?

सरकारी बैंकों ने 7.73 लाख करोड़ रुपये के डूबे कर्ज को राइट ऑफ किया, पर अब तक 3.09 लाख करोड़ ही वसूले गए. बाकी रकम की वापसी कितनी तेज होगी, इस पर नजर है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

सरकारी बैंकों ने ₹7.73 लाख करोड़ के बैड लोन किए राइट-ऑफ

राइट ऑफ राशि में से सिर्फ ₹3.09 लाख करोड़ की रिकवरी

राइट-ऑफ कर्ज माफी नहीं, डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई जारी

अगर कोई आम आदमी होम लोन या कार लोन की एक-दो EMI भी नहीं भर पाता, तो बैंक उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई शुरू कर देते हैं. लेकिन जब बड़े कारोबारी और कंपनियां हजारों करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकातीं, तो उसका असर सीधे बैंकों की बैलेंस शीट पर पड़ता है.इसी बीच सरकारी बैंकों के बैड लोन को लेकर एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है. पिछले कुछ वर्षों में सरकारी बैंकों ने 7.73 लाख करोड़ रुपये के डूबे हुए कर्ज को अपने खातों से राइट-ऑफ किया है. हालांकि, इस रकम में से अब तक बैंक सिर्फ 3.09 लाख करोड़ रुपये ही वसूल कर पाए हैं.