RIL Q2 Results: तेल ने चमकाया रिलायंस का रिजल्ट, रिटेल ने बिगाड़ा स्वाद
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर 2026 तिमाही में रिकॉर्ड 29,550 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है. कंपनी का मुनाफा 33.8 फीसदी और आमदनी 27.8 फीसदी बढ़ी. तेल और केमिकल कारोबार के दमदार प्रदर्शन से कंपनी को बड़ा फायदा हुआ, जबकि रिटेल कारोबार के मुनाफे में गिरावट आई.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
रिलायंस का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा
रिलायंस का मुनाफा 33.8 फीसदी बढ़ा
आमदनी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर
O2C कारोबार का EBITDA 67.9 फीसदी उछला
रिटेल कारोबार का EBITDA 8.6 फीसदी घटा
रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए सितंबर 2026 की तिमाही शानदार रही. कंपनी का शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा है. वहीं, आमदनी भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपये हो गई. कंपनी के मुनाफे में इस बड़ी बढ़ोतरी की सबसे अहम वजह तेल और केमिकल कारोबार रहा.
मुनाफे और आय में कितनी बढ़ोतरी?
सितंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज की कुल आमदनी 3,62,268 करोड़ रुपये रही. एक साल पहले इसी तिमाही में यह 2,83,548 करोड़ रुपये थी. यानी आमदनी में 27.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. वहीं, कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22,092 करोड़ रुपये से बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया. इस तरह मुनाफे में 33.8 फीसदी का उछाल आया. कंपनी की कामकाजी आय भी 23.9 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये रही. EBITDA को आसान भाषा में कंपनी के कारोबार से होने वाली ऑपरेटिंग कमाई समझ सकते हैं. इसमें ब्याज, टैक्स और डेप्रिसिएशन जैसे खर्च शामिल नहीं होते. हालांकि, एक बात ध्यान देने वाली है. कंपनी की आमदनी 27.8 फीसदी बढ़ी, जबकि EBITDA 23.9 फीसदी बढ़ा. इसी वजह से EBITDA मार्जिन पिछले साल के 17.8 फीसदी से घटकर 17.2 फीसदी रह गया. यानी हर 100 रुपये की आमदनी पर कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा थोड़ा कम रहा.
O2C कारोबार ने मुनाफे को दी रफ्तार
रिलायंस के तिमाही नतीजों में सबसे बड़ा योगदान ऑयल टू केमिकल यानी O2C कारोबार का रहा. इस कारोबार में कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने के साथ केमिकल बनाने का काम शामिल है. सितंबर तिमाही में O2C कारोबार की आमदनी 44.2 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ रुपये रही. वहीं, इसका EBITDA 67.9 फीसदी उछलकर 25,203 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी के मुताबिक, ये इस कारोबार का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है.
डिजिटल कारोबार में जियो की मजबूत रफ्तार
रिलायंस के डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. इस कारोबार में मुख्य भूमिका जियो की है. सितंबर तिमाही में डिजिटल सर्विसेज का EBITDA 17.7 फीसदी बढ़कर 22,223 करोड़ रुपये रहा. वहीं, जियो प्लेटफॉर्म्स की आमदनी 11.4 फीसदी बढ़कर 40,475 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 13.7 फीसदी बढ़कर 8,387 करोड़ रुपये पहुंच गया. जियो के कुल ग्राहकों की संख्या 54.24 करोड़ हो गई है. इनमें 30 करोड़ ग्राहक 5G सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं. कंपनी के ब्रॉडबैंड कनेक्शन वाले घरों की संख्या भी 3 करोड़ पहुंच गई है. जियो का ARPU बढ़कर 218.8 रुपये हो गया. इसका मतलब है कि कंपनी हर ग्राहक से औसतन हर महीने इतनी कमाई कर रही है. इस तिमाही में जियो का IPO भी पूरा हुआ. कंपनी ने IPO से करीब 30,188 करोड़ रुपये जुटाए. इसमें से 27,500 करोड़ रुपये रिलायंस जियो इन्फोकॉम के विदेशी कर्ज को समय से पहले चुकाने में लगाए गए.
रिटेल कारोबार में आमदनी बढ़ी, मुनाफा घटा
रिलायंस के रिटेल कारोबार की तस्वीर कुछ अलग रही. इस कारोबार की आमदनी 6.4 फीसदी बढ़कर 91,716 करोड़ रुपये रही. लेकिन EBITDA 8.6 फीसदी गिरकर 6,228 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, टैक्स के बाद मुनाफा 24.3 फीसदी घटकर 2,611 करोड़ रुपये पर आ गया. कंपनी ने इसके पीछे तीन प्रमुख वजहें बताई हैं. पहली, डिजिटल कॉमर्स कारोबार में निवेश जारी रखना. दूसरी, लागत बढ़ने के बावजूद उसका पूरा बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना. तीसरी, इस बार त्योहारी सीजन का बड़ा हिस्सा दिसंबर तिमाही में आने की उम्मीद है. हालांकि, रिटेल कारोबार में कुछ पॉजिटिव संकेत भी हैं. जियोमार्ट की आमदनी 42 फीसदी बढ़ी और कारोबार में लेन-देन की संख्या में 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. सितंबर तिमाही के अंत में रिलायंस रिटेल के स्टोर्स की संख्या 19,947 रही. इस दौरान 303 नए स्टोर खुले, लेकिन घाटे में चल रहे स्टोर बंद किए जाने के कारण कुल स्टोर की संख्या में 222 की कमी आई.
तेल और गैस कारोबार का प्रदर्शन कमजोर
रिलायंस के तेल और गैस कारोबार में भी इस तिमाही दबाव देखने को मिला. इस कारोबार की आमदनी 0.6 फीसदी घटकर 6,020 करोड़ रुपये रही. वहीं, EBITDA 2 फीसदी गिरकर 4,901 करोड़ रुपये पर आ गया. कंपनी के KG-D6 ब्लॉक से गैस का उत्पादन 9 फीसदी घटा. इसके अलावा गैस की कीमत भी पिछले साल के 9.97 डॉलर प्रति MMBTU से घटकर 8.88 डॉलर रह गई.
हालांकि, कोल बेड मीथेन यानी CBM का उत्पादन 21.4 फीसदी बढ़ा.
जियोस्टार की आमदनी बढ़ी, मुनाफे पर दबाव
रिलायंस के मीडिया और एंटरटेनमेंट कारोबार जियोस्टार की आमदनी 10.1 फीसदी बढ़कर 6,806 करोड़ रुपये रही. लेकिन इसका EBITDA 13.6 फीसदी घटकर 1,502 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, मुनाफा भी 13.2 फीसदी गिरकर 1,147 करोड़ रुपये पर आ गया.
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि मुश्किल वैश्विक माहौल के बावजूद कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया है. उनके मुताबिक, भारत पर केंद्रित कारोबार और संचालन में अनुशासन की वजह से कंपनी बाहरी चुनौतियों से निपटने में सफल रही.
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
रिलायंस के इन नतीजों में सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू रिकॉर्ड मुनाफा और O2C कारोबार का मजबूत प्रदर्शन है. जियो के डिजिटल कारोबार ने भी अच्छी बढ़त दर्ज की है. इसके अलावा नेट डेट में मामूली कमी और नेट डेट-EBITDA अनुपात में सुधार कंपनी की वित्तीय स्थिति के लिए अच्छे संकेत हैं. लेकिन कुछ जोखिम भी नजर आते हैं. कंपनी का EBITDA मार्जिन घटा है, रिटेल कारोबार का मुनाफा गिरा है और तेल-गैस तथा जियोस्टार के EBITDA में भी कमी आई है. सबसे अहम बात यह है कि इस तिमाही में रिलायंस के मुनाफे को तेल और केमिकल कारोबार से बड़ा सहारा मिला है. आगे इस प्रदर्शन को बनाए रखने के लिए कंपनी को अपने दूसरे कारोबारों की कमाई में भी सुधार करना होगा.
