Jio IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, 100 मिनट में पूरा सब्सक्राइब, QIB कैटेगरी में 3.68 गुना बोली, पूरी डिटेल

Reliance Jio IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. ₹30,213 करोड़ का यह IPO महज 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, IPO को 1.15 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि QIB कैटेगरी में 3.68 गुना बोलियां दर्ज की गईं. इस IPO के लिए 10 लाख से ज्यादा आवेदन मिलने की जानकारी है.

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA

देश के सबसे बड़े आईपीओ Reliance Jio के शेयरों को लेकर निवेशकों में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली है. 30,213 करोड़ रुपये के इस आईपीओ को खुलने के महज 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्रिप्शन मिल गया. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू कुल 1.15 गुना सब्सक्राइब हो चुका है. बड़े संस्थागत निवेशकों यानी QIB कैटेगरी में मांग सबसे ज्यादा रही, जहां निर्धारित शेयरों के मुकाबले 3.68 गुना बोलियां मिलीं. इस आईपीओ के लिए अब तक 10 लाख से ज्यादा आवेदन आने की जानकारी है. निवेशक इस इश्यू में 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह बड़े आईपीओ में सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाले इश्यू में शामिल है.

कितने शेयरों के लिए मिली बोली?

रिलायंस जियो ने आईपीओ के तहत कुल 19,75,25,934 शेयर बिक्री के लिए रखे हैं. इसके मुकाबले शुरुआती दो घंटों में 22,65,62,880 शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं. यानी उपलब्ध शेयरों से ज्यादा शेयरों की मांग दर्ज की गई. हालांकि, अलग-अलग निवेशक कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन का स्तर अलग रहा. बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, शेयरहोल्डर रिजर्वेशन कैटेगरी में 48 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला. कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 59 फीसदी बोलियां आईं. वहीं, रिटेल व्यक्तिगत निवेशकों की कैटेगरी 26 फीसदी और गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII की कैटेगरी 29 फीसदी सब्सक्राइब हुई. इन आंकड़ों से पता चलता है कि शुरुआती चरण में संस्थागत निवेशकों की ओर से ज्यादा मांग देखने को मिली, जबकि रिटेल और अन्य निवेशक श्रेणियों में सब्सक्रिप्शन अपेक्षाकृत कम रहा.

एंकर निवेशकों से भी मिला बड़ा रिस्पॉन्स

आईपीओ खुलने से पहले ही जियो के इश्यू को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी सामने आ गई थी. एंकर निवेशकों के लिए आरक्षित करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयरों के मुकाबले 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलने की जानकारी दी गई थी. यह आरक्षित रकम के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग के बराबर है. एंकर निवेशकों में भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC को करीब 500 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा आवंटन मिलने की जानकारी सामने आई.

एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें आईपीओ खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं. इनके निवेश से इश्यू को लेकर बाजार की शुरुआती दिलचस्पी का अंदाजा मिलता है, हालांकि इससे लिस्टिंग के बाद शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती.

Hyundai Motor India का रिकॉर्ड पीछे छूटा

रिलायंस जियो का 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ आकार के लिहाज से देश का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड Hyundai Motor India के नाम था, जिसका आईपीओ करीब 27,870 करोड़ रुपये का था. जियो के आईपीओ का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. इसका मतलब है कि निवेशकों को आवेदन करते समय इसी निर्धारित दायरे के भीतर अपनी बोली लगानी होगी. आईपीओ का कुल आकार और सब्सक्रिप्शन निवेशकों के लिए अहम आंकड़े हैं, लेकिन किसी कंपनी के शेयर में निवेश का फैसला करने से पहले उसके कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन, जोखिम और वैल्यूएशन को भी समझना जरूरी है.

Reliance Industries के शेयरहोल्डर्स को अतिरिक्त मौका

इस आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरहोल्डर्स के लिए भी एक अलग व्यवस्था की गई है. उनके लिए करीब 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित हैं. पात्र शेयरहोल्डर्स आईपीओ की शर्तों के मुताबिक शेयरहोल्डर कैटेगरी के साथ-साथ रिटेल कैटेगरी में भी आवेदन कर सकते हैं. इससे उन्हें आवंटन प्रक्रिया में एक अतिरिक्त अवसर मिल सकता है, बशर्ते वे संबंधित श्रेणियों की पात्रता और आवेदन संबंधी नियमों को पूरा करते हों. हालांकि, दोनों कैटेगरी में आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि शेयर मिलना तय है. अंतिम आवंटन संबंधित नियमों, मांग और उपलब्ध शेयरों के आधार पर होगा.

कुल मिलाकर, Reliance Jio IPO को शुरुआती दौर में मजबूत मांग मिली है. 30,213 करोड़ रुपये के इश्यू का तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होना और QIB कैटेगरी में ज्यादा बोलियां आना इस आईपीओ की प्रमुख बातें हैं. अब निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों, शेयर आवंटन और लिस्टिंग से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर रहेगी.