Reliance Share में 8% की छलांग, ₹1,840 तक पहुंचने का अनुमान, नतीजों के बाद Goldman Sachs समेत ब्रोकरेज क्यों हुए बुलिश?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों के बाद जबरदस्त तेजी आई है. स्टॉक इंट्राडे में 8 फीसदी तक उछला. कंपनी का मुनाफा 34 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 29,550 करोड़ रुपये पहुंचा. गोल्डमैन सैक्स ने 1,840 रुपये का टारगेट दिया है. जानिए किन ब्रोकरेज फर्मों ने Buy रेटिंग बरकरार रखी है.

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As of Friday, October 16, the Reliance Group had a combined market capitalisation of Rs 18.05 lakh crore, driven primarily by Reliance Industries.
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Reliance Share : रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब एक साल की सुस्ती के बाद जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. कंपनी के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है. सोमवार को कारोबार शुरू होते ही रिलायंस का शेयर 6 फीसदी तक उछल गया. कंपनी के मजबूत नतीजों के बाद दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने भी इस शेयर पर अपना भरोसा जताया है. नोमुरा से लेकर गोल्डमैन सैक्स तक ने रिलायंस पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है. खास बात यह है कि गोल्डमैन सैक्स ने शेयर के लिए 1,840 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या रिलायंस के शेयर में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है?

Reliance Share में 6% तक की तेजी, बाजार का बना टॉप गेनर

सोमवार को शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया. बीएसई पर पिछले कारोबारी सत्र में 1,163.55 रुपये पर बंद हुआ यह शेयर सोमवार को 1,227.40 रुपये पर खुला. शुरुआती कारोबार में शेयर ने 1,234 रुपये का इंट्राडे हाई भी छुआ. इस तरह इसमें करीब 6 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. सुबह करीब 9:30 बजे शेयर 51.45 रुपये यानी 4.42 फीसदी की बढ़त के साथ 1,215 रुपये पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एक अन्य कारोबारी अपडेट के मुताबिक, शेयर की तेजी 6 फीसदी से भी ज्यादा रही और यह 1,241 रुपये के आसपास पहुंच गया. रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शामिल रहा. कंपनी के शेयरों में आई तेजी का असर सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर भी दिखाई दिया. रिलायंस का मार्केट कैप बढ़कर करीब 16.77 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया.

क्यों भागने लगा Reliance का शेयर?

रिलायंस के शेयरों में आई तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे हैं. कंपनी ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के नतीजे जारी किए थे. इन नतीजों में कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA और नेट प्रॉफिट में मजबूत बढ़त देखने को मिली. खास तौर पर ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C कारोबार ने शानदार प्रदर्शन किया. इसके अलावा जियो के डिजिटल कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई. कंपनी के बेहतर प्रदर्शन ने ब्रोकरेज फर्मों को भी सकारात्मक संकेत दिए हैं. यही वजह है कि कई बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों ने रिलायंस के शेयर पर Buy रेटिंग बनाए रखी है.

कंपनी का रेवेन्यू, EBITDA और मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर

रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही कई मायनों में खास रही. कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. यह कंपनी का अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही रेवेन्यू है. वहीं, कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 24 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये रहा. EBITDA का मतलब कंपनी की मुख्य कारोबारी गतिविधियों से होने वाली कमाई से है, जिसमें ब्याज, टैक्स और अन्य कुछ खर्चों को शामिल करने से पहले की स्थिति देखी जाती है. कंपनी का नेट प्रॉफिट भी 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया. यह भी रिलायंस के इतिहास का सबसे बड़ा तिमाही मुनाफा है. इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी के अलग-अलग कारोबारों में हुई ग्रोथ ने उसके कुल वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती दी है.

O2C कारोबार बना सबसे बड़ा गेमचेंजर

रिलायंस के शानदार नतीजों में सबसे बड़ी भूमिका उसके ऑयल-टू-केमिकल्स यानी O2C कारोबार की रही. इस सेगमेंट ने तिमाही के दौरान रिकॉर्ड प्रदर्शन किया. O2C कारोबार का रेवेन्यू सालाना आधार पर 44.2 फीसदी बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं, इस सेगमेंट का EBITDA करीब 68 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये हो गया. इस शानदार बढ़त के पीछे रिफाइनिंग मार्जिन में आई मजबूती अहम वजह रही. रिफाइनिंग क्रैक्स का मतलब कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने के बाद मिलने वाले मार्जिन से है. तिमाही के दौरान ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक्स एक साल पहले के मुकाबले करीब 3 से 3.7 गुना तक बढ़ गए. इससे रिलायंस के रिफाइनिंग कारोबार को बड़ा फायदा मिला. यही वजह है कि O2C सेगमेंट कंपनी के तिमाही नतीजों का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर उभरा. हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में रिफाइनिंग मार्जिन की मजबूती कितनी बरकरार रहती है, इस पर नजर रखना जरूरी होगा.

Jio के डिजिटल कारोबार ने भी दिखाई ताकत

रिलायंस के डिजिटल कारोबार ने भी कंपनी की ग्रोथ में अहम योगदान दिया. Jio Platforms का रेवेन्यू सालाना आधार पर 11.3 फीसदी बढ़कर 47,485 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, जियो का EBITDA 16.6 फीसदी बढ़कर 21,879 करोड़ रुपये रहा. इस प्रदर्शन के पीछे नए ग्राहकों का जुड़ना, प्रति यूजर औसत कमाई यानी ARPU में सुधार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार अहम वजह रहे. टेलीकॉम कारोबार में लगातार बनी हुई ग्रोथ को ब्रोकरेज फर्मों ने भी सकारात्मक संकेत माना है. इससे रिलायंस के कारोबार को सिर्फ रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स तक सीमित न मानकर डिजिटल सर्विसेज के नजरिये से भी देखा जा रहा है.

Retail कारोबार में थोड़ी सुस्ती, ब्रोकरेज की नजर इस पर भी

रिलायंस के शानदार नतीजों के बीच रिटेल कारोबार का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से थोड़ा कमजोर रहा. ब्रोकरेज फर्मों ने इस सेगमेंट की ग्रोथ को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की हैं. इसके पीछे दो प्रमुख वजहें बताई गई हैं. पहली वजह त्योहारी मांग के समय में बदलाव है. दूसरी वजह डिजिटल कॉमर्स कारोबार में किया जा रहा निवेश है. हालांकि, रिटेल कारोबार में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों ने रिलायंस के शेयर पर अपना भरोसा कायम रखा है. O2C कारोबार की रिकॉर्ड कमाई और जियो की लगातार बढ़ती ग्रोथ को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है.

Goldman Sachs को ₹1,840 तक जाने की उम्मीद

रिलायंस के नतीजों के बाद कई बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर को लेकर अपना नजरिया साझा किया है. इनमें Goldman Sachs और Nomura के टारगेट प्राइस निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं. गोल्डमैन सैक्स ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,840 रुपये प्रति शेयर का टारगेट दिया है. शुक्रवार के 1,164.90 रुपये के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 58 फीसदी की संभावित बढ़त का संकेत देता है. ब्रोकरेज के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA उसके अनुमान से करीब 9 फीसदी ज्यादा रहा. इसमें O2C कारोबार की मजबूत कमाई का बड़ा योगदान रहा. हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर तिमाही में रिफाइनिंग मार्जिन कुछ नरम पड़ने की आशंका भी जताई है. इसके पीछे बहुत बड़े कच्चे तेल के जहाजों यानी VLCC का बढ़ता मालभाड़ा एक वजह हो सकता है. सस्ते भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने से इस दबाव की कुछ भरपाई संभव है.

Nomura ने दिया ₹1,560 का टारगेट

नोमुरा ने भी रिलायंस इंडस्ट्रीज पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है और 1,560 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है. शुक्रवार के 1,164.90 रुपये के बंद भाव के आधार पर यह करीब 33.9 फीसदी की संभावित बढ़त को दिखाता है. नोमुरा के मुताबिक, कंपनी की रिकॉर्ड कमाई के पीछे रिफाइनिंग क्रैक्स का कई दशकों के ऊंचे स्तर पर पहुंचना बड़ी वजह रहा. ब्रोकरेज के अनुसार, रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA पिछली तिमाही के मुकाबले 19 फीसदी बढ़ा और यह उसके अनुमान से करीब 9 फीसदी ज्यादा रहा.

JP Morgan और Jefferies भी शेयर पर बुलिश

रिलायंस के शेयर को लेकर दूसरी ब्रोकरेज फर्में भी सकारात्मक नजर आ रही हैं. जेपी मॉर्गन ने अपना टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,675 रुपये कर दिया है. वहीं, जेफरीज ने Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,710 रुपये का टारगेट दिया है. हालांकि, कुछ ब्रोकरेज ने अपने टारगेट प्राइस में कटौती भी की है. एमके ने सितंबर 2027 के लिए रिलायंस का टारगेट 1,680 रुपये से घटाकर 1,550 रुपये कर दिया है. इसी तरह मोतीलाल ओसवाल ने अपना टारगेट 1,560 रुपये से घटाकर 1,520 रुपये कर दिया है. इन दोनों ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है. अलग-अलग ब्रोकरेज के टारगेट में अंतर से साफ है कि कंपनी के मजबूत नतीजों को लेकर सकारात्मकता तो है, लेकिन आने वाले समय में O2C मार्जिन और रिटेल कारोबार की रिकवरी को लेकर सभी की उम्मीदें एक जैसी नहीं हैं.

क्या Reliance Share में जारी रहेगी तेजी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मजबूत तिमाही नतीजों और ब्रोकरेज फर्मों की Buy रेटिंग ने शेयर को लेकर निवेशकों का उत्साह बढ़ाया है. कंपनी के O2C कारोबार की रिकॉर्ड कमाई, जियो की ग्रोथ और बेहतर कंसोलिडेटेड मुनाफे ने इसके प्रदर्शन को मजबूती दी है. हालांकि, आगे शेयर की चाल कई बातों पर निर्भर करेगी. इनमें रिफाइनिंग मार्जिन की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, रिटेल कारोबार की रिकवरी और जियो की ग्रोथ अहम रहेंगी. ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस भविष्य की संभावनाओं पर आधारित अनुमान हैं, इनकी गारंटी नहीं है. इसलिए निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल टारगेट देखकर फैसला न लें, बल्कि कंपनी के नतीजों, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखकर ही कोई कदम उठाएं.

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