सुप्रीम कोर्ट की बिल्डरों को सख्त चेतावनी, ब्रोशर में किया वादा पूरा करना होगा, Homebuyers के लिए क्यों अहम है ये आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि बिल्डर ब्रोशर में दिखाए गए वादों से पीछे नहीं हट सकते. द प्राइमस मामले का यह रुख घर खरीदारों के अधिकार और मजबूत करता है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट ने ब्रोशर के वादों को गंभीर मानने का संकेत दिया

गुरुग्राम के द प्राइमस प्रोजेक्ट में 24 मीटर सड़क पर विवाद उठा

सीबीआई रिपोर्ट में सड़क का बड़ा हिस्सा ग्रीन एरिया और पार्किंग मिला

घर खरीदते समय ज्यादातर लोग बिल्डर के ब्रोशर को सिर्फ एक विज्ञापन की तरह देखते हैं. लेकिन अगर उसी ब्रोशर में दिखाई गई सुविधाओं और प्लान के आधार पर आपने अपना पैसा किसी प्रोजेक्ट में लगाया है, तो उसकी अहमियत काफी ज्यादा हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर एक अहम टिप्पणी करते हुए साफ संकेत दिया है कि बिल्डर अपने प्रोजेक्ट के ब्रोशर में किए गए वादों को सिर्फ मार्केटिंग मटेरियल बताकर उनसे पीछे नहीं हट सकता. यह मामला गुरुग्राम के DLF Home Developers के The Primus प्रोजेक्ट से जुड़ा है. प्रोजेक्ट में 24 मीटर चौड़ी सड़क को लेकर सामने आई स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने कहा कि डेवलपर को प्रोजेक्ट को उन बातों के अनुरूप तैयार करना चाहिए, जो संभावित घर खरीदारों के सामने ब्रोशर और मूल योजना में रखी गई थीं.