Tata Group Power Shift: एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे की असली कहानी क्या है? जानिए नोएल टाटा से मतभेद, IPO विवाद की इनसाइड स्टोरी
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे और नोएल टाटा से मतभेदों की क्या है पूरी कहानी. जानिए टाटा ग्रुप का मालिकाना ढांचा, IPO विवाद, घाटे वाले निवेश और नए चेयरमैन को लेकर क्या रणनीति बन रहा है ग्रुप ?
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एन चंद्रशेखरन ने क्यों दिया इस्तीफा, क्या है इसके पीछे की इनसाइड स्टोरी ?
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न्यूज़ हाइलाइट्स
टाटा ग्रुप के इतिहास में एन चंद्रशेखरन पहले ऐसे व्यक्ति थे जो गैर-पारसी थे.
चंद्रशेखरन की एंट्री साल 1987 में टीसीएस में प्रोजेक्ट इंटर्न के तौर पर हुई थी.
टाटा ग्रुप में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव (Power Shift) देखने को मिल रहा है. टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है. हालांकि, वे फरवरी में अपना कार्यकाल पूरा होने तक पद पर बने रहेंगे ताकि बोर्ड इस दौरान नया उत्तराधिकारी चुन सके. इस पूरे मामले को समझने के लिए सबसे पहले टाटा ग्रुप के मालिकाना ढांचे (Ownership Structure) और इस्तीफे की मुख्य वजहों को समझना जरूरी है.
