Tata Sons IPO: देश के सबसे बड़े IPO की बढ़ी संभावना, ₹12.5 लाख करोड़ तक हो सकती है वैल्यूएशन

आरबीआई ने टाटा संस का सीआईसी रजिस्ट्रेशन छोड़ने का आवेदन ठुकराया. इससे लिस्टिंग की संभावना बढ़ी है और वैल्यूएशन ₹12.5 लाख करोड़ तक जा सकती है.

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

आरबीआई ने सीआईसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की टाटा संस की मांग ठुकराई

कंपनी अब अपर लेयर एनबीएफसी नियमों के दायरे में बनी रहेगी

संभावित वैल्यूएशन लिस्टेड और अनलिस्टेड कारोबार के डिस्काउंट पर निर्भर करेगी

Tata Sons IPO: टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के शेयर बाजार में उतरने की संभावना अब पहले के मुकाबले काफी मजबूत हो गई है. भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने टाटा संस की ओर से Core Investment Company (CIC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की मांग को खारिज कर दिया है. कंपनी ने यह रास्ता इसलिए चुना था ताकि वह NBFC के दायरे से बाहर निकल सके और अनिवार्य लिस्टिंग से बची रह सके. RBI के इस फैसले के बाद टाटा संस के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग की राह लगभग खुलती नजर आ रही है. हालांकि, यह अभी सीधे तौर पर IPO का ऐलान नहीं है. IPO कब आएगा, उसका आकार कितना होगा और किस स्ट्रक्चर के तहत लिस्टिंग होगी, इस पर अभी अंतिम फैसला सामने नहीं आया है. अगर टाटा संस बाजार में लिस्ट होती है और संभावित वैल्यूएशन के ऊपरी स्तर को हासिल करती है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है.