चंद्रशेखरन की कुर्सी पर विवाद क्यों? Tata Trusts के अधिकार और Tata Sons के नियम समझिए

टाटा संस ने एन. चंद्रशेखरन का कार्यकाल 5 साल बढ़ाने का फैसला किया, लेकिन नोएल टाटा के विरोध के बाद अब पूरी नजर कंपनी नियमों और मतदान प्रक्रिया पर टिकी है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर विवाद

नोएल टाटा ने फैसले का विरोध किया

Article 118 की व्याख्या पर टकराव

Article 121 में Affirmative Vote का पेंच

टाटा ट्रस्ट के नॉमिनी के वोट 1-1 बंटे

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल को अगले 5 साल के लिए बढ़ाए जाने को लेकर टाटा संस और टाटा ट्रस्ट आमने-सामने आ गए हैं. 17 सितंबर को टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन को फिर से चेयरमैन बनाने का फैसला किया, लेकिन टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा ने इसका विरोध किया.टाटा ट्रस्ट ने इस फैसले को कंपनी के नियमों के खिलाफ बताते हुए इसे कानूनी रूप से प्रभावहीन बताया है. दूसरी तरफ टाटा संस का कहना है कि बोर्ड ने नियमों के मुताबिक फैसला लिया है.