Shrinkflation क्या है? कीमत वही, पैकेट छोटा...ऐसे ग्राहकों की जेब पर पड़ता है असर
शिंकफ्लेशन में दाम वही दिखते हैं, लेकिन पैकेट में सामान कम मिलता है. जानिए कंपनियां ऐसा क्यों करती हैं और खरीदारी में क्या देखना चाहिए, ताकि असली खर्च समझ आए.
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न्यूज़ हाइलाइट्स
कंपनियां बढ़ती लागत संभालने के लिए सामान की मात्रा धीरे घटाती हैं
ग्राहक अक्सर दाम देखते हैं, इसलिए बदलाव तुरंत पकड़ नहीं पाते
प्रति ग्राम या प्रति लीटर खर्च बढ़ने से असली बोझ बढ़ता
Shrinkflation : महंगाई बढ़ने के साथ रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर नजर रखना अब लोगों की आदत बन चुकी है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ प्रोडक्ट की कीमत लंबे समय तक लगभग वही रहती है, जबकि पैकेट के अंदर मौजूद सामान की मात्रा धीरे-धीरे कम होती जाती है? अगर हां, तो यह सिर्फ पैकेजिंग में बदलाव नहीं, बल्कि Shrinkflation का उदाहरण हो सकता है.
