बस्तर का ऐतिहासिक पल: कभी नक्सलियों का था 'अभेद्य किला', अब कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर शान से फहरा तिरंगा
बस्तर में नक्सलवाद के खात्मा और शांति संदेश के साथ निकली 'बस्तर तिरंगा यात्रा' के दौरान, छत्तीसगढ़ के मंत्रियों ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कभी नक्सलियों का गढ़ रही कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों समेत 90 गांवों में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया.
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नक्सलवाद के गढ़ रहे कर्रेगुट्टा में पहली बार फहराया तिरंगा (Photo: ITG)
छत्तीसगढ़ के बस्तर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने देश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. जिस कर्रेगुट्टा पहाड़ी को कभी नक्सलियों का सबसे मजबूत और सुरक्षित गढ़ माना जाता था, वहां आजादी के बाद पहली बार पूरे सम्मान के साथ तिरंगा लहराया गया. केवल कर्रेगुट्टा ही नहीं, बल्कि सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिले के करीब 90 ऐसे गांव हैं, जहां 80 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया.
