भिलाई में डॉक्टर के घर एक करोड़ की सनसनीखेज चोरी: आंगन में जमीन खोदकर छिपाए थे 47 लाख, ऐसे पकड़े गए शातिर चोर
भिलाई में डॉक्टर के घर हुई एक करोड़ की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने चोरी के पैसों से XUV कार खरीदने के साथ-साथ 47 लाख रुपये यूपी में जमीन के अंदर छिपा रखे थे.
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छत्तीसगढ़ के भिलाई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. यहां चोरों ने एक डॉक्टर के सूने घर को निशाना बनाते हुए करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती गहनों पर हाथ साफ कर दिया. चोरी के बाद इन शातिर बदमाशों ने पैसों को ठिकाने लगाने के लिए जो तरीका अपनाया, वो किसी फिल्मी थ्रिलर फिल्म जैसा लगता है. हालांकि, पुलिस ने अपनी सूझबूझ और तकनीकी सर्विलांस के दम पर इस अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जमीन खोदकर लाखों रुपये बरामद किए हैं.
एक हफ्ते के लिए सूना था घर
यह पूरी घटना दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सुंदर नगर की है. यहाँ डॉक्टर नमिता मित्तल अपने परिवार के साथ रहती हैं. वह किसी काम से 17 अक्टूबर को अपने घर में ताला लगाकर परिवार समेत बाहर गई थीं. जब वे करीब एक हफ्ते बाद 23 अक्टूबर की सुबह वापस लौटीं, तो उनके होश उड़ गए. घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त था और अलमारी में रखे कैश के साथ-साथ सोने, चांदी और डायमंड के बेशकीमती गहने गायब थे. परिवार ने बिना देर किए तुरंत वैशाली नगर थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई.
महाराष्ट्र से लेकर यूपी तक फैले थे तार
करोड़पति चोरों के इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीमें बनाई गईं. पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किए. तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जब जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस को भी चौंकाने वाले सुराग मिले.
जांच में पता चला कि संदिग्धों के तार महाराष्ट्र के नागपुर-गोंदिया से लेकर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही तक जुड़े हुए हैं. इसके बाद दुर्ग पुलिस की अलग-अलग टीमों ने कई राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया.
आंगन में छिपाए थे 47 लाख, जमीन खोदकर निकाला कैश
इस पूरी जांच के दौरान पुलिस को सबसे बड़ी सफलता उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में मिली. यहाँ आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी ने चोरी किए गए पैसों और गहनों को ठिकाने लगाने के लिए अपने ही घर के आंगन में जमीन के अंदर गाड़ रखा था.
जब पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जमीन की खुदाई करवाई, तो वहां से बोरियों और पैकेटों में छिपाकर रखी गई भारी-भरकम रकम बाहर निकल आई. पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान जब्त किया है. पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि इन शातिर चोरों ने चोरी के पैसों से जमकर ऐश की थी. पुलिस ने इनके पास से चोरी के पैसों से खरीदी गई एक नई एक्सयूवी कार, एक सुपर स्प्लेंडर बाइक और वारदात में इस्तेमाल की गई इनोवा गाड़ी भी अपने कब्जे में ले ली है.
गलाए जा रहे थे गहने, सुनार भी गिरफ्तार
मामले की गहराई से छानबीन करते हुए पुलिस को यह भी पता चला कि चोरों ने चोरी किए गए सोने के कुछ गहने भदोही के ही एक स्थानीय ज्वेलर को बहुत कम दाम में बेच दिए थे. आरोप है कि पकड़े जाने के डर से इन जेवरों को तुरंत गलाकर उनका हुलिया बदलने की कोशिश की जा रही थी. इस खुलासे के बाद पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले ज्वेलर सोनू जायसवाल को भी धर दबोचा.
दुर्ग के एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि गिरोह के कुछ सदस्य इनोवा कार में सवार होकर इस काले धन को कहीं और शिफ्ट करने की फिराक में हैं. भोर में करीब 3 बजे पुलिस ने पूरी योजना के साथ घेराबंदी की और आरोपियों को दबोच लिया. इस पूरे मामले में अब तक प्रदीप कुमार चौधरी, सुजीत सिंह और सोनू जायसवाल समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.
हालांकि, इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड या मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है. उसकी तलाश में पुलिस की करीब आठ विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.
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