मां की बीमारी को बनाया हथियार, झाड़-फूंक के नाम दुकानदार संजय से लाखों ठग ले गए तांत्रिक, ऐसे हुई गिरफ्तारी

दुर्ग में ठगों ने एक दुकानदार की मां की बीमारी और 'बुरी छाया' का डर दिखाकर तांत्रिक क्रिया के नाम पर 13 लाख रुपये की ठगी की. पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 लाख रुपये और मोबाइल बरामद कर लिए हैं.

छत्तीसगढ़ में ठगी का बड़ा मामला आया सामने
छत्तीसगढ़ में ठगी का बड़ा मामला आया सामने
social share
google news

बीमारी, डर और आस्था... जब ये तीनों एक साथ मिल जाएं तो समझदार इंसान भी ठगी का शिकार हो सकता है. दुर्ग में ठीक ऐसा ही हुआ. जहां एक दुकानदार की मां की बीमारी को हथियार बनाकर शातिर ठगों ने तांत्रिक क्रिया का डर दिखाया और देखते ही देखते 13 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दे दिया. अब इस मामले में दुर्ग पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी रकम बरामद की है जबकि गिरोह का एक सदस्य अभी भी फरार है. 

मामला दुर्ग जिले की सिंधी कॉलोनी में रहने वाले 37 सील के साइकिल दुकानदार संजय अठवानी से जुड़ा है. संजय ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले दो लोग उसकी दुकान पर साइकिल खरीदने के बहाने आए थे. बातचीत के दौरान उन्होंने मोबाइल नंबर लिया और खुद का नाम राजू बताया. यहीं से ठगी की कहानी शुरू हुई.

कुछ ही दिनों बाद आरोपियों ने फोन कर संजय की मां की तबीयत का जिक्र किया और कहा कि उन पर किसी बुरी छाया का असर है. झाड़-फूंक और पूजा-पाठ से इलाज कराने का झांसा देकर लगातार फोन कॉल और धार्मिक बातों के जरिए उन्होंने संजय का भरोसा जीत लिया. 

यह भी पढ़ें...

ठगो ने संजय को भिलाई के मार्रेट में बुलाया

16 जनवरी 2026 को आरोपियों ने संजय को भिलाई पावर हाउस फल मार्केट के पास बुलाया. वहां एक महिला के साथ देवी पूजा करवाई गई. पूजा के नाम पर नारियल और 1100 रुपये लिए गए और मां के जल्द ठीक होने का भरोसा दिलाया गया.

इसके बाद 20 जनवरी को संजय को रेलवे स्टेशन पावर हाउस भिलाई के पास दोबारा बुलाया गया. यहां आरोपियों ने कहा कि बुरी छाया हटाने के लिए सोने के गहनों और नगद राशि का विशेष अनुष्ठान जरूरी है. झांसे में आए संजय ने चार सोने के कंगन जिसका वजन करीब 60 ग्राम, कीमत लगभग 5 लाख रुपये और 8 लाख रुपये नकद उन्हें सौंप दिए.

रुपये और गहने लेते ही आरोपी फरार हो गए और उनके मोबाइल भी बंद हो गए. ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने छावनी थाना भिलाई में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने बीएनएस की धारा 3(5) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

पुलिस ने बनाई विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम बनाई. सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस रायपुर पहुंची, जहां सरोना इलाके में किराए के मकान से बाबूलाल (45), निवासी श्रीरामपुर, जिला चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) और गीता राय, निवासी जिला हाथरस (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया. एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश जारी है.

आरोपियों के पास थे 8 लाख नकद

आरोपियों के पास से करीब 8 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और कीपैड फोन बरामद किए गए हैं. दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर ने बताया कि फरार आरोपी की खोजबीन जारी है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने छत्तीसगढ़ या अन्य राज्यों में इस तरह की और कितनी ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है.

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर किसी के बहकावे में न आएं और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को जानकारी दें.

ये भी पढ़ें: फेसबुक से दोस्ती, प्यार का ड्रामा...हिंदू युवक बनकर मोहम्मद महफूज लड़कियों के साथ बनाता था संबंध, ऐसे पकड़ाया

    follow on google news