IIT से पढ़ाई, फिर UPSC में सफलता...छत्तीसगढ़ के भगवानपुर गांव में किसान की बेटी दर्शन सिंह बघेल ने ने किया कमाल!

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र के भगवानपुर गांव की किसान परिवार की बेटी दर्शन सिंह बघेल ने यूपीएससी परीक्षा में 343वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है.

Darshan Singh Baghel
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कहावत है कि "पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को, उनके मुकद्दर के सफेद पन्ने कभी कोरे नहीं रहते." छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की दर्शन सिंह बघेल ने इस बात को सच कर दिखाया है. एक साधारण किसान परिवार में जन्मी दर्शन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 343वीं रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है. इस सफलता के साथ ही उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए तय माना जा रहा है.

गांव में दिवाली जैसा माहौल

जैसे ही यूपीएससी का रिजल्ट आया, जनकपुर के पास स्थित भगवानपुर गांव में खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. किसान अरुण सिंह बघेल की बेटी की इस कामयाबी की खबर फैलते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया. ग्रामीणों के लिए यह गर्व की बात है कि उनके बीच की एक बेटी अब देश की सुरक्षा और व्यवस्था की कमान संभालेगी.

IIT कानपुर से IPS तक का सफर

दर्शन की शुरुआती पढ़ाई गांव के ही डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई. बचपन से ही मेधावी दर्शन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से उच्च शिक्षा प्राप्त की. इंजीनियरिंग की डिग्री होने के बावजूद उनका लक्ष्य हमेशा से सिविल सेवा ही था.

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दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता

दर्शन ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था. पहले प्रयास में मिली सीख ने उनकी रणनीति को और मजबूत किया. अपनी सफलता का श्रेय उन्होंने अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया है. उनका कहना है कि एक किसान परिवार से होने के बावजूद उनके पिता ने शिक्षा को सबसे ऊपर रखा और कभी उनका हौसला टूटने नहीं दिया. अब दर्शन एक पुलिस अधिकारी के रूप में समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हैं.

 

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