छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फरमान, 'शरिया कोर्ट' कोई अदालत नहीं, इनके फतवे से नहीं टूटेगी शादी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शरिया कोर्ट के पास शादी खत्म करने का कानूनी अधिकार नहीं. हाईकोर्ट ने इदारा-ए-शरिया के तलाक के फरमान को बेअसर करार दिया. पूरी खबर पढ़ें.
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क्या कोई निजी धार्मिक संस्था या शरिया कोर्ट किसी शादी को कानूनी रूप से खत्म कर सकती है? छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इस सवाल का बेहद साफ और कड़ा जवाब दिया है. अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी धार्मिक संस्था खुद को अदालत नहीं मान सकती. इनके दिए आदेश या फतवे सिर्फ एक धार्मिक राय हो सकते हैं, लेकिन इनसे किसी महिला या पुरुष का वैवाहिक दर्जा या कानूनी अधिकार खत्म नहीं होता.
