सावन मनाबो हरेली… हरेली… हरेली; छत्तीसगढ़ का पहला ‘तिहार’ आज, प्रदेश भर में धूम

बारिश के बाद धरती हरियाली से सराबोर हो जाती है और धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ अपना पहला त्यौहार ‘हरेली’ मनाता है. सोमवार…

ADVERTISEMENT

NewsTak
Google CTA

बारिश के बाद धरती हरियाली से सराबोर हो जाती है और धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ अपना पहला त्यौहार ‘हरेली’ मनाता है. सोमवार यानी आज पूरे प्रदेश में हरेली बेहद उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. हरेली हर साल सावन के अमावस्या को मनाया जाता है. यह त्यौहार छत्तीसगढ़ी जीवन शैली और प्रकृति से जुड़ा हुआ है. हरेली का अर्थ होता है- हरियाली. इस दिन लोग हर तरफ हरियाली छाई रहने की कामना करते हैं. इस मौके पर ग्रामीण अपने फसलों और खेती-किसानी से जुड़े औजारों को देवता की तरह पूजते हैं. साथ ही किसान अपने कृषि कार्य, फसलों की उपज और अन्न के सम्मान में विशेष प्रकार का अनुष्ठान करते हैं.