सनातन धर्म के खिलाफ बोलने वालों के चुनाव लड़ने पर लगे आजीवन प्रतिबंध: देवकी नंदन

प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने कहा है कि सनातन धर्म के संबंध में हेट स्पीच देने वालों के आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेकर कठोर दंड देना चाहिए.

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Devki Nandan Thakur in Chhattisgarh- प्रसिद्ध कथा वाचक देवकी नंदन ठाकुर ने कहा है कि सनातन धर्म के संबंध में हेट स्पीच देने वालों के आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेकर कठोर दंड देना चाहिए.

कोरबा जिले के कटघोरा में भागवत कथा पाठ के लिए आए देवकी नंदन ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे हुए लोग सनातन धर्म पर कुछ भी बोल रहे हैं. इसे कोरोना, मलेरिया, एचआईवी, कुष्ठ रोग कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सनातन, सनातनियों और संविधान का अपमान कर रहे हैं. ऐसे लोगों को जब तक मुंह तोड़ जवाब नहीं मिलेगा वह चुप नहीं बैठेंगे. ठाकुर ने कहा, “सनातन धर्म के खिलाफ उठने वाली हर आवाज और कार्य का सनातनधर्मियों को मुखर होकर जवाब देना सीखना होगा. इसके बिना सनातन के खिलाफ लगातार की जा रही साजिश को समाप्त नहीं किया जा सकता.”

 

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‘हमें देना होगा जवाब’

इस अवसर पर सनातन धर्म की जागृति यात्रा भी निकाली गई. नगर भ्रमण के बाद महागौरी मंदिर में यात्रा के समापन पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे धर्म, संस्कृति, परंपरा के खिलाफ लोग अक्सर बोल देते थे. व्यंग्य करते हुए कटाक्ष करते हैं, परंतु हम मौन रहते हैं. हम उनका प्रतिकार नहीं करते. हमें लगता है कि धर्म के लिए कह रहा है, उससे हमें क्या पड़ी है. उसके खिलाफ कोई दूसरा आवाज उठाए.” उन्होंने कहा कि यही हमारी कायरता है, जो गुलामी की ओर ले जाती है. धर्म के प्रति उठने वाली हर आवाज और कार्य का सनातनियों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा.

 

धर्मांतरण पर की कानून बनाने की मांग

देवकी नंदन ठाकुर ने धर्मांतरण को लेकर कहा भारत में सख्त कानून बनाने की भी बात की. उन्होंने कहा, “ऐसा कानून बनाने की जरूरत है जिससे दूसरों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने वालों को रोका जा सके.” छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार से उन्होंने गौ संरक्षण को लेकर कहा, “गाय हम सनातनियो की गौ माता है. इसकी पूजा की जाती है. इसका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है.” उन्होंने कहा कि धर्म, धर्मशास्त्र और उससे जुड़े संस्कारों से हमारा अस्तित्व है. सनातनियों को अपने धर्म के प्रति समर्पित और कट्टर होना चाहिए.

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