छत्तीसगढ़: मक्के की खेती की आड़ में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती, प्रशासन ने खानदान का रिकॉर्ड निकालकर किया पूरा हिसाब-किताब
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 8 करोड़ की अफीम की खेती के मामले में भाजपा नेता विजय ताम्रकार की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. समोदा गांव में आरोपी के भाई द्वारा सरकारी जमीन पर बनाई गई अवैध दुकान को बुलडोजर से ढहा दिया गया.

अफीम की खेती के मामले में भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद अब प्रशासन का बुलडोजर एक्शन शुरू हो गया है. दुर्ग जिले के समोदा गांव में मंगलवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एक अवैध दुकान को ध्वस्त कर दिया गया. यह दुकान अफीम कांड के मुख्य आरोपी के भाई की बताई जा रही है.
मक्के के खेत में मिला 8 करोड़ का 'खजाना'
बीती 7 मार्च को नारकोटिक्स विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने समोदा गांव में एक खेत पर छापा मारा था. यहां मक्के की फसल के बीच बड़ी चतुराई से अफीम के पौधे उगाए जा रहे थे. पुलिस के अनुसार, बरामद की गई अफीम की बाजार में कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है. इस मामले में पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा के नेता विजय ताम्रकार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.
अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर
अफीम कांड के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने अवैध संपत्तियों की जांच तेज कर दी. जांच में पता चला कि गिरफ्तार नेता के भाई, बृजेश ताम्रकार ने गांव की करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दुकान बना रखी थी. ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस अतिक्रमण को हटाने का फैसला किया.
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मंगलवार को अतिरिक्त तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस की टीम समोदा पहुंची. स्थानीय अदालत से बेदखली का वारंट पहले ही जारी हो चुका था, जिसके आधार पर बुलडोजर चलाकर पूरी संरचना को मिट्टी में मिला दिया गया.
गांव में भारी सुरक्षा, विपक्ष के तीखे तेवर
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे. बुलडोजर एक्शन को देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा. दूसरी ओर, इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है. कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया है कि प्रशासन की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की खेती कैसे हो रही थी? विपक्ष ने इस पूरे सिंडिकेट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
प्रशासन की सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई जिले भर में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है. आने वाले दिनों में अन्य अवैध निर्माणों पर भी इसी तरह का एक्शन देखने को मिल सकता है.










