जुनैद-नासिर हत्याकांडः 21 आरोपियों के नाम का खुलासा, मोनू मानेसर सहित कई लोगों के नाम उजागर
Junaid Nasir Murder Case: भरतपुर निवासी जुनैद और नासिर की हरियाणा के भिवाड़ी जिले में हत्या के मामले में पुलिस की जांच में मोनू मानेसर सहित 21 लोगों के नाम उजागर किए गए. करीब 90 दिन में जांच के बाद उन लोगों के नाम उजागर किए गए है. जिनकी भूमिका कथित तौर पर हत्याकांड के […]
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Junaid Nasir Murder Case: भरतपुर निवासी जुनैद और नासिर की हरियाणा के भिवाड़ी जिले में हत्या के मामले में पुलिस की जांच में मोनू मानेसर सहित 21 लोगों के नाम उजागर किए गए. करीब 90 दिन में जांच के बाद उन लोगों के नाम उजागर किए गए है. जिनकी भूमिका कथित तौर पर हत्याकांड के मुख्य आरोपियों को शरण देने, उनकी सहायता करने और सबूत मिटाने में रही है. पुलिस ने मोनू मानेसर का नाम भी शामिल किया है. जबकि मुख्य आरोपियों में 6 आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए भरतपुर पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है.
गौरतलब है कि 14-15 फरवरी की रात को वारदात को अंजाम दिया गया था. इस दौरान दोनों मृतकों के शवों को उनके ही गाड़ी में आग लगाकर जला दिया था. भरतपुर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जुनेद और नासिर हत्याकांड के मामले में रिंकू सैनी को घटना के 2 दिन बाद 17 फरवरी और 13 अप्रैल को दो आरोपी मोनू राणा और गोगी को गिरफ्तार किया था. वहीं, गिरफ्तार कुल 3 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कामा के कोर्ट में विगत 16 मई को चालान भी पेश कर दिया.
पुलिस के मुताबिक जुनेद और नासिर का अपरहण हरियाणा गौरक्षक दल के कार्यकर्ताओं ने भरतपुर में गोपालगढ़ थाना इलाके से किया था. पुलिस पहले भी खुलासा कर चुकी है कि दोनों का अपहरण करने के बाद गौरक्षको ने उनकी जमकर पिटाई की और जब उनकी मौत हो गई तो उनकी ही गाड़ी में आग लगाकर उन को जिंदा जला दिया गया था. जांच में हरियाणा गौरक्षक दल के नेता योगेंद्र आचार्य का नाम भी सामने आया है.
जुनैद-नासिर के परिजनों ने जो शिकायत दर्ज कराई थी, उसमें मोनू मानेसर का भी नाम था. आशंका है कि मोनू मानेसर ने आरोपियों को शरण दी और सबूत मिटाने में भागीदारी निभाई थी. पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है.
