CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दी राहत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका को अदालत से जमानत मिल गई है. दिल्ली पुलिस ने दोनों की हिरासत तीन दिन बढ़ाने की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया. रिलीज ऑर्डर के मुताबिक, सौरव दास को निजी मुचलके पर रिहा किया जा सकता है, बशर्ते किसी अन्य मामले में हिरासत जरूरी न हो.

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सौरव दास और आशुतोष रांका मिली जमानत 
सौरव दास और आशुतोष रांका मिली जमानत 
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को काेर्ट से जमानत मिल गई है. अदालत में दिल्ली पुलिस द्वारा दोनों की हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की थी. लेकिन इसे स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया. बता दें कि दोनों नेता पिछले 7 दिनों से न्यायिक हिरासत में थे. आज दाेनों की मौजूदा न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने थी ऐसे में दोनों को अदालत में पेश किया गया था.

व्यक्तिगत मुचलके पर रिहाई का आदेश

अकोर्ट के आदेश में यह साफ किया गया है कि उनकी निजी मुचलके पर रिहाई की शर्त को स्वीकार कर लिया गया है. इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल से रिहा किया जा सकता है, बशर्ते किसी अन्य मामले में उनकी कानूनी हिरासत जरूरी न हो. पुलिस ने उनकी रिमांड बढ़ाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने उसे स्वीकार नहीं किया.

कोर्ट में वकीलों से पूछे कड़े सवाल 

जेल में बंद रहने के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका ने राहत पाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. इस मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अदालत ने दोनों CJP कार्यकर्ताओं और उनके वकीलों से कड़े सवाल किए. न्यायालय ने बार-बार यह सवाल उठाया कि जब कानून के मुताबिक निचली अदालत (मजिस्ट्रेट कोर्ट) में मामला लंबित है और अन्य वैकल्पिक उपाय मौजूद हैं, तो वे सीधे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट क्यों आ गए. इसके अलावा, कोर्ट ने बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन, जमानतदारों को खारिज करने और मजिस्ट्रेट के अधिकारों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी सवाल उठाए. कोर्ट की तीखी फटकार और पूछताछ के बाद दोनों कार्यकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली थी.

जानें क्यों हुई थी गिरफ्तारी?

यह पूरा विवाद 13 अक्टूबर का है. प्रशासन की ओर से 12 अक्टूबर को ही जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी. इसके बावजूद, 8 से 10 सीजेपी समर्थकों के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका तिरंगा लेकर जंतर-मंतर पर पहुंच गए थे.

शांति नियम तोड़ने और आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया था. इसके बाद उन्हें पहले 5 दिन के लिए जेल भेजा गया और फिर 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत 2 दिन और बढ़ा दी गई थी. कुल 8 दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद आखिरकार आज उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत जमानत मिल गई है.

(इनपुट - सांभवी श्रीवास्तव)