CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत 2 दिन बढ़ी, फिलहाल जेल में रहेंगे
Saurav-Ashutosh News Update: CJP के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है. 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. अब दोनों को फिलहाल जेल में रहना होगा. जानिए पूरा मामला.
ADVERTISEMENT

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. फिलहाल दोनों को राहत नहीं मिली है और न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है. सोमवार को उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में नवनियुक्त स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. इस दौरान पुलिस ने दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की थी। सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने हिरासत की अवधि दो दिन और बढ़ाने का फैसला सुनाया. इस आदेश के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को फिलहाल जेल में ही रहना होगा.
दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. यह कार्रवाई उस समय हुई, जब CJP के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था. अब उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ाए जाने के बाद उनकी रिहाई को लेकर आगे की सुनवाई अहम होगी.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हुई थी कार्रवाई
सौरव दास और आशुतोष रांका के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हुई थी. आरोप है कि दोनों ने बंद गेट फांदकर जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश किया था. बताया गया है कि उस समय जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाया जा चुका था. इसी मामले में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया था.
प्रदर्शन के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ CJP के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे. कार्यकर्ताओं ने वहां राष्ट्रीय ध्वज लहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. सौरव दास और आशुतोष रांका को बाद में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था. 13 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था, जो कि अब दो और दिन बढ़ा दी गई है.
CJP ने जमानत की सुनवाई में देरी का लगाया आरोप
इस मामले में CJP ने आरोप लगाया है कि उसके दोनों संयोजकों की रिहाई रोकने के लिए जमानत की सुनवाई में जानबूझकर देरी की जा रही है. पार्टी की ओर से दोनों की रिहाई को लेकर सवाल उठाए गए हैं. हालांकि, सुनवाई में देरी को लेकर CJP ने जो आरोप लगाए हैं, वे पार्टी का पक्ष हैं.
इसी बीच रविवार को जमानत मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने अज्ञात लोगों से धमकी मिलने की बात कही थी. इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की थी.
CJP चीफ अभिजीत दिपके को कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए किन शर्तों पर मिली जमानत
