चित्तरंजन पार्क दुर्गा पूजा पंडाल विवाद: क्या पुलिस ने जबरन काटी बिजली? जानिए आप के आरोपों पर क्या बोली दिल्ली पुलिस
CR Park Durga Puja Pandal Controversy: दिल्ली के चित्तरंजन पार्क में दुर्गा पूजा पंडाल की बिजली काटने के आरोप पर आम आदमी पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने हैं. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने पुलिस पर पंडाल में जबरन घुसने और आयोजकों को परेशान करने का आरोप लगाया है. वहीं, दक्षिण दिल्ली के DCP अनंत मित्तल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस केवल ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करा रही थी.
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दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क (सीआर पार्क) के एक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीति और कानूनी बहस गरमा गई है. आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली पुलिस पर त्यौहार के दौरान अड़ंगे डालने और स्थानीय लोगों तथा आयोजकों को परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.
सौरभ भारद्वाज के दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है. उनका आरोप है कि शनिवार रात पुलिसकर्मियों ने सीआर पार्क के बी ब्लॉक स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में जबरन घुसकर बिजली का कनेक्शन काट दिया, जिससे लाउडस्पीकर और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचा. भारद्वाज ने सवाल उठाया कि पिछले साल तक पंडालों में रात 12 बजे तक लाउडस्पीकर और कार्यक्रम चलाने की अनुमति हुआ करती थी, लेकिन इस बार इस समय सीमा को घटाकर सिर्फ रात 10 बजे तक कर दिया गया है.
'कम समय होने से बढ़ सकता है भगदड़ का खतरा'
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दर्शन के लिए आने वाली भारी भीड़ का समय घटाकर 10 बजे करने से पंडालों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने बंगाल की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि कम समय में जब लाखों लोग एक साथ पहुंचेंगे तो भीड़ का दबाव बढ़ेगा. उन्होंने इसे बंगाली समुदाय के साथ भेदभाव बताते हुए उपराज्यपाल (LG) और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से इस मामले में संज्ञान लेने और आयोजकों से माफी मांगने की मांग की है. साथ ही यह भी कहा कि ये प्राइवेट पूजाएं होती हैं, जिनमें सरकार कोई मदद नहीं करती, बल्कि केवल परेशान करती है.
दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
आम आदमी पार्टी के इन तमाम आरोपों पर दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने अपनी सफाई दी है. पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर स्पष्ट किया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं. पुलिस का मकसद किसी भी तरह की पूजा में रुकावट डालना नहीं था, बल्कि वे केवल अदालत द्वारा तय किए गए ध्वनि प्रदूषण और नियमों का पालन करवा रहे थे.
तय समय सीमा बीतने के बाद भी बज रहा था लाउडस्पीकर
डीसीपी ने जानकारी दी कि पहले हुई बैठकों में आयोजकों ने नियमों का पालन करने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी तेज आवाज में म्यूजिक बजाया जा रहा था. दिल्ली पुलिस ने जोर देकर कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहारों को संपन्न कराना है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
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