दिल्ली-NCR में GRAP-3 लागू, अब क्या-क्या बंद रहेगा और किन पर लगी पाबंदी? जानिए पूरी डिटेल
दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. 38 में से 26 केंद्रों पर हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई है. हालात को संभालने के लिए ग्रैप 3 लागू करते हुए निर्माण कार्यों पर रोक और दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं.
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Delhi pollution: दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR की हवा बेहद खराब हो गई है. राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है और लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शुक्रवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 382 दर्ज किया गया. वहीं, 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई. बिगड़ते हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-NCR में ग्रैप (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया है. ऐसे में चलिए जानते हैं इस दौरान क्या-क्या रहेगा बंद और किन पर लगी है पाबंदी?
दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR की हवा हुई जहरीली
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है. हवा की रफ्तार धीमी होने और मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं. इसके चलते कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई हुई है. दिवाली का त्योहार अभी आया भी नहीं है, लेकिन प्रदूषण की स्थिति पहले से ही चिंताजनक हो गई है.
382 पहुंचा दिल्ली का औसत AQI, 26 केंद्रों पर गंभीर श्रेणी में हवा
शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 382 दर्ज किया गया. यह बहुत खराब श्रेणी में आता है और गंभीर श्रेणी के 401 के स्तर के करीब है. दिल्ली के कुल 38 निगरानी केंद्रों में से 26 पर AQI गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड किया गया.
इलाकों की बात करें तो पंजाबी बाग में सबसे ज्यादा 453 AQI दर्ज किया गया. वहीं, जहांगीरपुरी में 447 और रोहिणी में 444 रहा. इसके अलावा लोधी रोड एकमात्र ऐसा इलाका रहा, जहां हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई. बाकी इलाकों में प्रदूषण का स्तर बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में बना हुआ है.
7 से 9 नवंबर तक राहत के आसार नहीं
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (IITM), पुणे के पूर्वानुमान के मुताबिक, 7 से 9 नवंबर तक दिल्ली की हवा गंभीर श्रेणी में बनी रह सकती है. इसके बाद भी अगले छह दिनों तक वायु गुणवत्ता गंभीर से बहुत खराब श्रेणी के बीच रहने की आशंका है.
प्रदूषण बढ़ने के पीछे गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने और दिवाली पर पटाखे चलाने जैसे कारणों को जिम्मेदार माना जा रहा है. फिलहाल हवा में PM 2.5 सबसे प्रमुख प्रदूषक बना हुआ है. इसके बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं और सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
GRAP-3 लागू, निर्माण कार्यों पर रोक और वर्क फ्रॉम होम पर विचार
दिल्ली-NCR में प्रदूषण की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप का तीसरा चरण लागू कर दिया है. इसके तहत कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं.
- निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक: दिल्ली-NCR में धूल फैलाने वाले निर्माण और डिमोलिशन से जुड़े कामों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
- 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का सुझाव: दिल्ली और NCR की राज्य सरकारों से सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने पर फैसला लेने को कहा गया है.
- पानी के छिड़काव में तेजी: प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय निकायों को एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल और पानी के छिड़काव को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि प्रदूषण के इस दौर में बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें. साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें.
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