पालन अग्निकांड:भाग सकती थी हिमांशी, पर मां को अकेला कैसे छोड़ती? बचाने लपटों में कूद गई बेटी, बाथरूम में एक साथ मिले दोनों के शव

दिल्ली के पालम में लगी आग में मां-बेटी समेत 9 लोगों की मौत हो गई, जहां बेटी हिमांशी ने खुद भागने के बजाय अपनी बूढ़ी मां के साथ रहकर मौत को गले लगा लिया. संकरी गलियों और खराब सुरक्षा इंतजामों ने एक पूरे परिवार की खुशियां राख कर दीं.

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पालन अग्नीकांड
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राजधानी दिल्ली का पालम इलाका और वहां की साधनगर की वो तंग गलियां, जहां कल तक बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, आज वहां सन्नाटा और सिर्फ चीखें हैं. एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते 9 जिंदगियों को लील लिया. लेकिन इस खौफनाक मंजर के बीच एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा मुंह को आ जाए. यह कहानी है कश्यप परिवार की 70 साल की लाडो और उनकी जांबाज बेटी हिमांशी की.