पिता कंडक्टर, मां आंगनबाड़ी में...फिर दीपांशु शौकिन ने कैसे तोड़ा DUSU का 72 साल पुराना रिकॉर्ड, देखिए

डीयू छात्र संघ चुनाव 2026 में निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीतकर 72 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. बस कंडक्टर के बेटे दीपांशु ने बिना किसी पार्टी टिकट के ABVP और NSUI के उम्मीदवारों को बड़े अंतर से हरा दिया. चार साल की मेहनत और नंगे पैर किए प्रचार ने उन्हें यह ऐतिहासिक जीत दिलाई.

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deepanshu shokeen
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दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) के चुनावी नतीजों ने इस बार सबको हैरान कर दिया है. डीयू की छात्र राजनीति में सालों से दबदबा रखने वाले बीजेपी के छात्र संगठन ABVP और कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI को पछाड़कर एक निर्दलीय प्रत्याशी ने इतिहास रच दिया है. शहीद भगत सिंह कॉलेज (इवनिंग) से 'बुद्धिस्ट स्टडीज' में पीजी कर रहे दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) पद का चुनाव जीतकर हर किसी को चौंका दिया है. डीयू के 72 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब उपाध्यक्ष पद पर कोई निर्दलीय उम्मीदवार जीता हो.