अमेरिका में गिरफ्तार हुआ कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, हरियाणा पुलिस के इनपुट पर FBI ने लास वेगस से दबोचा

दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में आतंक फैलाने वाला कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ अमेरिका के लास वेगस से गिरफ्तार कर लिया गया है. इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने में हरियाणा पुलिस की एसटीएफ (STF) के सटीक इनपुट्स की अहम भूमिका रही.

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हिमांशु भाऊ
हिमांशु भाऊ
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समुंदर पार अमेरिका की धरती पर भारत के सबसे बड़े अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है. अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने लास वेगस से भारत के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और उसके साथी नीरज फरीदपुरिया को दबोच लिया है. हालांकि हथकड़ी अमेरिका में लगी है, लेकिन इस बड़े ऑपरेशन का मास्टरमाइंड हरियाणा पुलिस की एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) थी, जिनके सटीक इनपुट्स ने इस कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया.

कौन है हिमांशु भाऊ?

महज 21 से 23 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले हिमांशु भाऊ को दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा का 'छोटा डॉन' या दाऊद इब्राहिम कहा जाने लगा था. उसके खौफ से बड़े-बड़े कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर थर-थर कांपते थे. दिल्ली के बर्गर किंग आउटलेट में हुई सनसनीखेज हत्या, मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर फायरिंग और ताबड़तोड़ रंगदारी के मामलों में इसी गैंग का नाम सामने आया था. साल 2022 में तो इस शातिर ने महज 24 घंटे के भीतर तीन हत्याओं को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी. 

क्राइम कुंडली और आपराधिक इतिहास

हिमांशु का असली नाम हिमांशु रिटोलिया है, जो हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला है. कम उम्र में जुर्म की दुनिया में कदम रखने वाला हिमांशु साल 2020 में हिसार के बाल सुधार गृह से फरार हो गया था. इसके बाद उसने अपना खुद का खूंखार गिरोह खड़ा किया. हत्या, हत्या की कोशिश, अपहरण, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे 30 से ज्यादा गंभीर मामले इसके नाम दर्ज हैं. जुर्म की दुनिया में यह कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी माना जाता है.

लाखों का था इनाम और रेड कॉर्नर नोटिस

हिमांशु के आतंक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस पर हरियाणा पुलिस ने ढाई लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. इसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हो चुका था. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह गैंग भारत में वसूली और रंगदारी का काला कारोबार चलाता था और फिरौती की रकम विदेश में बैठे हिमांशु तक पहुंचाई जाती थी. अमेरिकी एजेंसी की मदद से शिकंजा कसने के बाद, अब हरियाणा एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियां इसे भारत डिपोर्ट कराने के लिए अमेरिकी प्रशासन के संपर्क में हैं.

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