JNU में आधी रात बवाल, प्रदर्शन के बीच पत्थरबाजी से मचा हड़कंप, JNUSU और ABVP ने एक दूसरे पर लगाया आरोप

JNUSU protest controversy: JNU एक बार फिर अखाड़ा बन गया है. कुलपति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के दो गुटों में जमकर झड़प हुई. जेएनयूएसयू ने पत्थरबाजी का दावा किया है, तो वहीं एबीवीपी ने वामपंथी छात्रों पर मारपीट और हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है.

JNUSU protest controversy
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JNU Violence News: दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बीते रात एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया है. जानकारी के मुताबिक जेएनयू छात्र संघ यानी JNUSU संघ कुलपति के एक बयान के खिलाफ कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों पर पत्थरबाजी की गई है. छात्रों का दावा है कि अचानक हुई पत्थरबाजी में कुछ छात्र घायल हो गए. बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन का नेतृत्व वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा किया जा रहा था.

वामपंथी संगठनों ने ABVP पर लगाए आरोप

इस घटना के लिए JNUSU और वामपंथी संगठनों ने ABVP को जिम्मेदार ठहराया है. उनका कहना है कि जब छात्र अपना विरोध दर्ज करा रहे थे तभी इस दौरान उन पर हमला किया गया. छात्र संघ का आरोप है कि इस हमले का मकसद विरोध की आवाज को दबाना था. घटना के बाद छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं.

ABVP ने आरोपों पर ये कहा

वहीं ABVP  ने JNUSU के सभी आरोपों को गलत बताया है. ABVP का दावा है कि असल में वामपंथी छात्रों ने ही उन पर पत्थरों से हमला किया. संगठन का कहना है कि जो छात्र उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं उनके खिलाफ हिंसा करना वामपंथियों का पुराना चेहरा रहा है. एबीवीपी के मुताबिक उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई और उन्हें निशाना बनाया गया.

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पूर्व काउंसिलर मनीष चौधरी का बड़ा दावा

एबीवीपी के सदस्य और SSS के पूर्व काउंसिलर मनीष चौधरी ने बताया कि ये हमला कैंपस में विश्वविद्यालय सुरक्षा और पुलिस की मौजूदगी में हुआ. उनका आरोप है कि 70 से ज्यादा वामपंथी तत्वों की एक भीड़ ने छात्रों पर लाठियों, लातों और घूसों से हमला किया. मनीष चौधरी ने दावा किया कि वामपंथी छात्रों का यह जत्था एकेडमिक स्पेस (SSS) में पहुंचा और वहां पढ़ रहे आम छात्रों को डराकर भगाया. जब छात्रों ने पढ़ाई जारी रखने की मांग की और ताला लगाने का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई और बाल तक नोचे गए.

इन छात्रों पर भीड़ का नेतृत्व करने का आरोप

एबीवीपी नेता मनीष चौधरी ने आराेप लगाया कि इस हिंसा का नेतृत्व जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव दानिश अली, एसआईएस काउंसिलर प्रांजंय और दाऊद सिद्दीकी जैसे लोग कर रहे थे. उनके साथ 30 से 40 अन्य लोग भी शामिल थे जिन्होंने छात्रों को घेरकर हमला किया. फिलहाल कैंपस में स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

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