रील में ‘करोड़पति’ और असलियत में ठग! दिल्ली पुलिस की करीब 20 महिला पुलिसकर्मी बागपत के विक्रांत के झांसे में कैसे आ गईं?

दिल्ली पुलिस ने विक्रांत तोमर को महिला कांस्टेबल से कथित ठगी के मामले में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि वह शादी का भरोसा देकर और खुद को अमीर कारोबारी बताकर महिलाओं से पैसे लेता था. पुलिस को करीब 20 महिला कांस्टेबलों को निशाना बनाए जाने का शक है. जांच जारी है.

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vikrant tomar
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सोचिए, कोई आपसे शादी का वादा करे. खुद को बड़ा कारोबारी बताए. महंगी गाड़ियों में घुमाए और कहे कि पैसे निवेश कर दो, अच्छा मुनाफा मिलेगा. आप उसकी बातों पर भरोसा कर लें. लेकिन बाद में पता चले कि जिस लग्जरी लाइफस्टाइल को देखकर आप प्रभावित हुए थे, उसके पीछे एक अलग ही कहानी थी.

दिल्ली में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां विक्रांत तोमर नाम के युवक पर महिला पुलिस कांस्टेबलों को शादी का भरोसा देकर ठगी करने का आरोप लगा है. पुलिस को शक है कि उसने दिल्ली पुलिस की करीब 20 महिला कांस्टेबलों को निशाना बनाया. एक महिला कांस्टेबल से करीब 24 लाख रुपये की ठगी का आरोप है. पुलिस ने आरोपी को बुराड़ी से गिरफ्तार कर लिया है. विक्रांत यूपी के बागपत का रहने वाला है. अब समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और आरोपी महिलाओं को अपने जाल में कैसे फंसाता था.

कहानी की शुरुआत इंस्टाग्राम से हुई

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायत करने वाली महिला कांस्टेबल का नाम शिवानी है. वह दिल्ली के करोल बाग थाने में तैनात हैं. आरोप है कि 23 साल के विक्रांत ने सबसे पहले इंस्टाग्राम पर उनसे संपर्क किया. उसने दिल्ली पुलिस में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती होने के बारे में जानकारी मांगी. इसी बहाने दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी. आरोपी ने खुद को बड़ा कारोबारी बताया. वह क्रिकेट जगत से जुड़े होने का दावा भी करता था. उसकी बातों से शिवानी को लगा कि वह एक अच्छी आर्थिक स्थिति वाला व्यक्ति है. इसके बाद आरोपी ने शादी का भरोसा दिया. फिर निवेश के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए.

24 लाख रुपये कहां से आए?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने महिला कांस्टेबल को भरोसा दिलाया कि निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा. महिला ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया. पहले उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाई. फिर 12 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया. इसके अलावा, जान-पहचान वालों से भी पैसे उधार लिए. इस तरह करीब 24 लाख रुपये आरोपी को देने का आरोप है. जांच में करीब 8 लाख रुपये के एक लेन-देन का भी पता चला. पुलिस के मुताबिक, यह रकम आरोपी के कहने पर 1x.com बेटिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी. अब पुलिस यह पता लगा रही है कि पैसा किन खातों में गया और उसका इस्तेमाल कहां हुआ.

किराए की गाड़ी से बनाता था अमीर होने का भ्रम

अब सवाल है कि आरोपी महिलाओं का भरोसा कैसे जीतता था? पुलिस के मुताबिक, विक्रांत महंगी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था. लेकिन आरोप है कि ये गाड़ियां उसकी अपनी नहीं थीं. वह कुछ घंटों के लिए लग्जरी कार किराए पर लेता था. फिर महिलाओं को उनमें घुमाता था. सोशल मीडिया पर भी वह महंगी गाड़ियों और आलीशान जिंदगी की तस्वीरें और वीडियो डालता था. यानी सामने वाले को लगता था कि वह खूब पैसा कमाता है. उसकी जिंदगी शानदार है. ऐसे में उसकी निवेश वाली बातों पर भी भरोसा हो सकता था. पुलिस को शक है कि आरोपी एक ही कार से अलग-अलग महिलाओं को घुमाता था. जांच इस बात की भी हो रही है कि क्या वह एक महिला से मिले पैसों का इस्तेमाल दूसरी महिला को प्रभावित करने के लिए करता था.

निशाने पर दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबलें?

मामले की जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि आरोपी ने सिर्फ एक महिला को नहीं, बल्कि कई महिला कांस्टेबलों को निशाना बनाया हो सकता है. पुलिस को आशंका है कि दिल्ली पुलिस की एक ही बैच की करीब 20 महिला कांस्टेबल उसके संपर्क में आई थीं. हालांकि, इन सभी के साथ ठगी होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है. कुछ महिलाओं ने औपचारिक शिकायत भी दर्ज नहीं कराई है. आरोपी की लिव-इन पार्टनर भी दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी को उसके जरिए दूसरी महिला कांस्टेबलों के बारे में जानकारी मिलती थी.

आरोपी के खिलाफ पहले से पांच मामले

पुलिस के मुताबिक, विक्रांत तोमर के खिलाफ दिल्ली में ठगी के पांच मामले पहले से दर्ज हैं. इनमें मायापुरी, हरि नगर और इंद्रपुरी थानों के मामले शामिल हैं. ईस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन में भी एक मामला दर्ज है. पुलिस ने बताया कि आरोपी इसी साल जून में जेल से जमानत पर बाहर आया था. अब सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है. आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट भी जांच के दायरे में हैं.

अब पुलिस किन सवालों के जवाब तलाश रही है?

पुलिस के सामने फिलहाल कुछ अहम सवाल हैं. कितनी महिलाएं आरोपी के संपर्क में आईं? कितनी महिलाओं ने पैसे दिए? कुल कितनी रकम की ठगी हुई? और क्या इस पूरे मामले में कोई दूसरा व्यक्ति भी शामिल था? इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आएंगे.

फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर लगे आरोपों की जांच जारी है. करीब 20 महिला कांस्टेबलों को निशाना बनाए जाने की आशंका है, लेकिन सभी मामलों की पुष्टि होना अभी बाकी है.

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